facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका-ईरान समझौते का दिख रहा असर, होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए रवाना हुए उर्वरकों से लदे 4 जहाजब्रह्मोस मिसाइल का नया अवतार: वजन में हल्की और स्टेल्थ तकनीक से लैस, दुश्मनों के छूटेंगे पसीनेMeta की बड़ी डील: फिनटेक कंपनी CRED में लगाए 90 करोड़ डॉलर, कुणाल शाह बने व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेडइन्फो एज का बड़ा दांव: 50 से अधिक AI और डीप-टेक स्टार्टअप्स में किया ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेशब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर का भावुक इस्तीफा, क्या अधर में लटक जाएगा भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता?US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल ने कहा: समय सीमा की चिंता अमेरिका की है, मुझे इसकी कोई फिक्र नहींआर्थिक मोर्चे पर झटका: मई में 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आई भारत के 8 मुख्य सेक्टर्स की ग्रोथरिकॉर्ड उछाल: भारत में शुद्ध FDI 4 गुना बढ़कर $6.58 अरब के पार, विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसाUS-Iran Peace Deal: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ईरान से बातचीत ने युद्ध खत्म करने की मजबूत नींव रखीअमेरिकी अर्थव्यवस्था के ‘धुरंधर’ और फेड के पूर्व प्रमुख एलन ग्रीनस्पैन का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

चीन कर रहा है AI का ‘दुरुपयोग’, पहले AI संवाद में अमेरिका ने कहा

Advertisement

एआई सुरक्षा पर अमेरिका-चीन वार्ता: तनाव और आरोप-प्रत्यारोप

Last Updated- May 16, 2024 | 9:53 PM IST
artificial intelligence

इस बातचीत के सारांश ने संकेत दिया है कि तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रौद्योगिकी पर चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। यह द्विपक्षीय संबंधों में टकराव का एक और मुद्दा बन गया है।

जिनेवा में प्रौद्योगिकी को लेकर हुई बैठक के एक दिन बाद अमेरिका के अधिकारियों ने चीन द्वारा ‘‘कृत्रिम मेधा (एआई) के दुरुपयोग’’ को लेकर चिंता व्यक्त की तो वहीं बीजिंग के प्रतिनिधियों ने ‘‘प्रतिबंधों और दबाव’’ को लेकर अमेरिका की आलोचना की।

उच्च-स्तरीय दूतों के बीच बंद कमरे में हुई बातचीत में एआई के जोखिमों और इसे प्रबंधित करने के तरीकों को शामिल किया गया था। इस बातचीत के सारांश ने संकेत दिया है कि तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रौद्योगिकी पर चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। यह द्विपक्षीय संबंधों में टकराव का एक और मुद्दा बन गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने एक बयान में कहा, चीन और अमेरिका ने एक दिन पहले “स्पष्ट और रचनात्मक” चर्चा में “एआई सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के लिए अपने-अपने दृष्टिकोण का आदान-प्रदान किया”। बीजिंग ने कहा कि दोनों पक्षों ने “गहनता के साथ पेशेवर और रचनात्मक रूप से” विचारों का आदान-प्रदान किया।

एआई पर इस तरह की पहली अमेरिका-चीन वार्ता सैन फ्रांसिस्को में राष्ट्रपति जो बाइडन और शी चिनफिंग के बीच नवंबर में हुई बैठक का परिणाम थी। वॉट्सन ने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने एआई के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उसके मुताबिक दुरुपयोग करने वालों में चीन भी शामिल है।

उन्होंने हालांकि इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी कि यह दुरुपयोग किस प्रकार का है। इस बीच चीन ने उसके खिलाफ “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव पर सख्त रुख व्यक्त किया”। चीन के विदेश मंत्रालय के उत्तरी अमेरिकी और ओशियान मामलों के विभाग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह बात कही। कुछ अमेरिकी सांसदों ने चिंता व्यक्त की है कि चीन राजनीतिक दुष्प्रचार के लिए एआई-जनित डीपफेक के उपयोग का समर्थन कर सकता है।

Advertisement
First Published - May 16, 2024 | 9:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement