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चीन का आरोप – अमेरिका उसका विकास रोकने की कोशिश कर रहा

Last Updated- March 09, 2023 | 11:27 AM IST
India's own strategy in view of the possibility of US-China trade war अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की आशंका को देखते हुए भारत की अपनी रणनीति
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चीनी नेताओं का मानना है कि अमेरिका चीन को तबाह करने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पिछले दिन अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह उनके देश को अलग-थलग करने और इसके विकास को रोकने की कोशिश कर रहा है।

यह चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी में बढ़ती हताशा को दर्शाता है कि उसकी खुशहाली और वैश्विक प्रभाव को प्रौद्योगिकी संबंधी अमेरिकी प्रतिबंधों, ताइवान को समर्थन और अन्य ऐसे कदमों से खतरा है जिसे चीन के खिलाफ माना जाता है।

पिछले कई दशकों में चीन के सबसे प्रभावशाली नेता शी आमतौर पर समस्याओं से ऊपर दिखने की कोशिश करते हैं एवं सकारात्मक सार्वजनिक टिप्पणियां करते हैं। लेकिन सोमवार को की गई उनकी शिकायत ने चौंका दिया। शी ने कहा कि अमेरिका नीत अभियान ने चीन के सामने अभूतपूर्व व गंभीर चुनौतियां उत्पन्न की हैं। उन्होंने आम लोगों से ‘संघर्ष’ करने का आह्वान किया।

चीन के विदेश मंत्री छिन कांग ने मंगलवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि अमेरिका अपना रास्ता नहीं बदलता है तो उसे संभावित ‘संघर्ष और टकराव’ का सामना करना पड़ सकता है।

सोल में योंसी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध मामलों के विशेषज्ञ जॉन डेल्यूरी ने कहा, ‘विदेश मंत्री व्यापक धारणा की ओर से बोल रहे हैं कि अमेरिका चीन के पीछे पड़ा हुआ है और उसे अपना बचाव करना होगा।’ वैश्विक रणनीतिक और आर्थिक मामलों में अमेरिकी प्रभुत्व से नाराज होने वाला चीन शायद एकमात्र देश है। चीनी नेता मानते हैं कि अमेरिका क्षेत्रीय और संभवतः वैश्विक नेतृत्व के लिए चुनौती देने वाले देश के रूप में चीन को नाकाम करने का प्रयास करता है।

चीन की सत्तारूढ़ पार्टी एक राजनीतिक और सांस्कृतिक नेता के रूप में चीन की ऐतिहासिक भूमिका को बहाल करना चाहती है। इसके साथ ही पार्टी देश को प्रौद्योगिकी के आविष्कारक के रूप में बदलकर आय में वृद्धि करना चाहती है। पार्टी ताइवान पर भी चीनी नियंत्रण चाहती है। चीन इन्हें सकारात्मक लक्ष्यों के तौर पर देखता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी इन्हें खतरों के रूप में देखते हैं।

उनका कहना है कि चीन की विकास योजनाएं कुछ हद तक, चोरी या विदेशी कंपनियों पर प्रौद्योगिकी सौंपने के लिए दबाव बनाने पर आधारित हैं। वहीं कुछ लोगों ने आगाह किया है कि चीनी प्रतिस्पर्धा अमेरिकी औद्योगिक प्रभुत्व एवं आय को काफी प्रभावित कर सकती है।

First Published - March 8, 2023 | 7:47 PM IST

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