facebookmetapixel
Advertisement
कंपनियों के धन से अच्छी पत्रकारिता हो तो कोई बुराई नहींGold, Silver Price Today: सोने के भाव पड़े नरम, चांदी में ₹1955 की गिरावटदेश के श्रम कानूनों को मिले पुरातन समझौतों से मुक्तिपश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई भारत की टेंशन! महंगे तेल से भड़क सकती है महंगाई, इ​क्विटी-डेट में क्या करें निवेशकStocks to Watch Today: Airtel, Tata Motors, HAL समेत इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजरStock Market Today: मजबूती के साथ खुले भारतीय बाजार; सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,500 के पारAurobindo Pharma, Tata Steel और Sona BLW में खरीदारी का मौका? एक्सपर्ट ने बताए टारगेटउतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी अहम सपोर्ट के पास, एक्सपर्ट ने बताए ये 3 शेयर खरीदने के मौके, चेक करें TGT, SL2027 से बदल सकता है आपकी कार का फ्यूल, सरकार की बड़ी तैयारीसोना महंगा होते ही बाजार में गिरा फुटफॉल, कई शहरों में 80% तक कम हुए ग्राहक

बगदाद में फिर हुआ अमेरीकी रेस्त्रां पर हमला

Advertisement

ये हमले गाजा में युद्ध को लेकर इजराइल के शीर्ष सहयोगी अमेरिका के खिलाफ बढ़ते गुस्से को दर्शाते हैं।

Last Updated- June 07, 2024 | 1:52 PM IST
Pepsico results
Representative Image

बगदाद में कुछ दिन पहले दो एसयूवी और एक सफेद पिकअप वैन में सवार होकर आए एक दर्जन नकाबपोश लोगों ने ‘केएफसी’ रेस्त्रां पर हमला किया और घटनास्थल से फरार गए। इससे कुछ ही दिन पहले इसी प्रकार की हिंसा ‘लीज फेमस रेसिपी चिकन (रेस्त्रां)’ और ‘चिली हाउस’ में भी हुई थी।

ये सभी अमेरिकी ब्रांड इराक की राजधानी में लोकप्रिय हैं और इन पर हालिया हमले दिखाते हैं कि हमास और इजराइल के बीच युद्ध में अमेरिका द्वारा इजरायल के प्रति समर्थन से इराक में लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है।

हालांकि हाल की घटनाओं में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह हमले स्पष्ट रूप से ईरान समर्थित और इराक में अमेरिका विरोधी मीलिशिया के समर्थकों द्वारा किए गए थे। ये हमले गाजा में युद्ध को लेकर इजराइल के शीर्ष सहयोगी अमेरिका के खिलाफ बढ़ते गुस्से को दर्शाते हैं।

मई के अंत में और इस सप्ताह के शुरू में इराक में अमेरिका से जुड़े व्यवसायों और ब्रांड पर हुए हमले उसकी रणनीति में बदलाव को दर्शाते हैं जिसका उद्देश्य वाशिंगटन द्वारा इजराइल को दिए जा रहे समर्थन के कारण अमेरिका विरोधी भावना को बढ़ाना है। केएफसी पर हमला डकैती की तरह ही हुआ। फर्क सिर्फ इतना था कि हमलावरों का मकसद पैसे चुराना नहीं था।

सुरक्षा कैमरे की फुटेज में नकाबपोश लोग फास्ट फूड रेस्टोरेंट में घुसते हुए दिखाई दे रहे हैं जबकि भयभीत कर्मचारी और ग्राहक पीछे के रास्ते से भाग रहे हैं। इसके बाद वे लोग खिड़कियों और एलईडी स्क्रीन को तोड़ते हैं, कुर्सी, टेबल, रसोई के उपकरण और जो कुछ भी उन्हें मिला उसे तोड़ते हैं। कुछ ही मिनटों बाद सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंचते हैं और चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाते हैं जबकि अपराधी अपने वाहनों में बैठकर वहां से फरार हो जाते हैं। अन्य घटनाओं में कैटरपिलर कंपनी के स्टोर के बाहर एक ध्वनि बम फेंका गया, जिससे आस-पड़ोस में हड़कंप मच गया तथा सड़क पर एक छोटा गड्ढा हो गया।

अमेरिका विरोधी भावना को लेकर कुछ प्रदर्शन कम उग्र रहे हैं। पिछले सप्ताह फलस्तीनी और इराकी झंडे लेकर प्रदर्शनकारियों ने बगदाद में पेप्सिको के कार्यालयों तक मार्च किया और नारेबाजी की थी।

इराक में ईरान समर्थित मीलिशिया के दो अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस से पुष्टि की कि हमलावर उनके समर्थक थे और उनका लक्ष्य अमेरिकी ब्रांड के बहिष्कार को बढ़ावा देना और देश में उनकी उपस्थिति को रोकना है।

अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर अपने समूहों के नियमों के अनुरूप कहा कि यह मीलिशिया की छवि को मजबूत करने का भी एक प्रयास है। इराक में अमेरिकी राजदूत एलिना रोमनोवस्की ने अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की निंदा करते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इससे इराक में विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है।

इराक के सुरक्षा प्रवक्ता मेजर जनरल तहसीन अल खाफाजी ने कहा कि दंगाइयों के खिलाफ उसी प्रकार कार्रवाई की जाएगी, जैसे देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने वाले किसी भी अन्य व्यक्ति पर की जाती है।

Advertisement
First Published - June 7, 2024 | 1:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement