facebookmetapixel
Advertisement
HPCL में 80% तक तेजी की उम्मीद, ब्रोकरेज ने बताए रिफाइनरी और मुनाफे के बड़े ट्रिगरमहंगाई का डबल डोज! अप्रैल में WPI 8.3% पर, पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों ने बढ़ाई टेंशनविदेश घूमना छोड़िए, अब UP बुला रही योगी सरकार! फ्री म्यूजियम एंट्री से लेकर 25% छूट तक बड़ा ऐलानसोना हुआ महंगा, फिर भी Titan और Senco में 17% तक तेजी की उम्मीद क्यों? ब्रोकरेज ने गिनाई वजहेंस्कूटर और EV की दमदार बिक्री से TVS Motor पर फिदा हुए ब्रोकरेज, 24% तक रिटर्न की उम्मीदBGMI के पेड यूजर बढ़े, गेमर्स अब डिजिटल आइटम्स पर कर रहे ज्यादा खर्चहोर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी में ईरानभारत-यूएई के बीच एलपीजी और रणनीतिक तेल भंडार पर बड़े समझौते संभवसब्सिडी में कटौती नहीं, विवेकपूर्ण खर्च पर सरकार का जोरECL के लिए केनरा बैंक को ₹10,000 करोड़ अतिरिक्त प्रावधान की जरूरत

दिल्ली में छाया कोहरा, और बढ़ सकती है ठंड

Advertisement
Last Updated- December 27, 2022 | 11:55 AM IST
Delhi weather today

राष्ट्रीय राजधानी के अधिकतर हिस्सों में मंगलवार को घना कोहरा छाया रहा जिससे कुछ इलाकों में दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई। कम दृश्यता के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज ‘ठंडा दिन’ रहने का पूर्वानुमान लगाया है। विभाग के अनुसार, ‘ठंडा दिन’ तब माना जाता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जाए।

अधिकतम तापमान के सामान्य से 6.5 डिग्री या उससे अधिक कम होने पर उसे ‘बेहद ठंडा दिन’ माना जाता है। दिल्ली में सोमवार को ‘बेहद ठंडा दिन’ था, क्योंकि अधिकतम तापमान कुछ स्थानों पर सामान्य से 10 डिग्री कम दर्ज किया गया था। सफदरजंग वेधशाला में सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम 15.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह 18 दिसंबर 2020 के बाद से दिसंबर में इस तारीख को दर्ज सबसे कम तापमान था। सफदरजंग वेधशाला में मंगलवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान के 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों ने दिन के तापमान में इस गिरावट के लिए मैदानी इलाकों से गुजरने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं और कोहरे के मौसम के कारण कम धूप निकलने को जिम्मेदार ठहराया है। ‘स्काईमेट वेदर’ के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 25-26 दिसंबर को पहाड़ों में फिर से बर्फबारी हुई, जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं अब मैदानी इलाकों में बह रही हैं। दिल्ली में सोमवार को 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

इनके मंगलवार को 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मंगलवार को घने से बेहद घना कोहरा छाया रहा। आईएमडी के अनुसार, दृश्यता शून्य से 50 मीटर के बीच रहने पर ‘बेहद घना कोहरा’, 51 मीटर से 200 मीटर के बीच ‘घना कोहरा’, 201 मीटर से 500 मीटर के बीच ‘मध्यम कोहरा’ और 501 से 1,000 मीटर के बीच रहने पर ‘हल्का कोहरा’ माना जाता है।

आईएमडी के अनुसार, न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर शीत लहर की घोषणा की जाती है। शीतलहर की घोषणा तब भी की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो और सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो। न्यूनतम तापमान के दो डिग्री सेल्सियस रहने या सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस से कम रहने पर ‘‘भीषण’’ शीतलहर की घोषणा की जाती है।

Advertisement
First Published - December 27, 2022 | 11:55 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement