भारत की कच्चे तेल की सप्लाई सुरक्षित बनी हुई है और सरकार हालात पर करीबी नजर रख रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत कच्चा तेल होर्मुज स्ट्रेट के अलावा अन्य मार्गों से भी प्राप्त कर रहा है, जिससे आपूर्ति उन मार्गों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित है जहां हाल में व्यवधान देखा गया था।
उन्होंने बताया कि भारत वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 5.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल की खपत करता है और करीब 40 देशों से तेल आयात करता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई देशों से कार्गो सुनिश्चित किए हैं। इसके चलते अब भारत के लगभग 70 फीसदी कच्चे तेल के आयात होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के मार्गों से आ रहे हैं, जबकि पहले यह हिस्सा करीब 55 फीसदी था। शर्मा ने कहा कि फिलहाल दो कच्चे तेल के कार्गो भारत की ओर रास्ते में हैं और अगले कुछ दिनों में देश पहुंच जाएंगे, जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी।
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मंत्रालय के अनुसार सरकार के कदमों से LPG उत्पादन में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। शर्मा ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की घबराहट में बुकिंग करने की जरूरत नहीं है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए करीब 2.5 दिन का सामान्य आपूर्ति चक्र बरकरार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है।
शर्मा ने कच्चे तेल की आपूर्ति को ‘सुरक्षित’ बताते हुए कहा, ”विविध स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद किए जाने से इस समय देश को उससे अधिक मात्रा में तेल मिल रहा है, जितना सामान्य परिस्थितियों में इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग के रास्ते आता।”