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दिल्ली में शुरू हुई ओपन रूफ इलेक्ट्रिक डबल-डेकर, 500 रुपये में मिलेगा शाही टूर

करीब 40 साल बाद दिल्ली में खुली छत वाली इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बस शुरू हुई है, जिससे पर्यटक प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों की सैर कर सकेंगे।

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अनुष्का भारद्वाज   
Last Updated- February 28, 2026 | 12:56 PM IST

पुराने जमाने की बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर दिखने वाली डबल-डेकर बसें अब लगभग चार दशक बाद दिल्ली की सड़कों की रौनक बनेंगी। राष्ट्रीय राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल के तहत शुक्रवार को खुली छत वाली इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बस सेवा शुरू की गई। हालांकि अभी यह प्रायोगिक परियोजना के तौर पर चलेगी और सरकार का इरादा एक महीने के भीतर दो से तीन और इसी तरह की बसें लॉन्च करने का है।

वर्ष 1989 में उच्च रखरखाव लागत और संचालन संबंधी मुद्दों के कारण दिल्ली में ज्यादातर डबल-डेकर बेड़े को हटा दिया गया था। मुंबई में ये बसें लगभग 80 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद 2023 में आधिकारिक तौर पर सड़कों से हटा ली गईं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पर्यटक सेवा के नाम से इस बस को हरी झंडी दिखाई। यह बस शहर के कई प्रमुख विरासत पर्यटन स्थलों का दौरा कराएगी। प्रधानमंत्री संग्रहालय से शुरू होकर बस पर्यटकों को भारत मंडपम, नैशनल वॉर मेमोरियल, नया पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स, दिल्ली हाट जैसे प्रमुख स्थानों पर ले जाएगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, ‘हम दिल्ली की संस्कृति को प्रदर्शित करना चाहते हैं और राजधानी को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में दोबारा इसका आकर्षण लौटाना चाहते हैं।’ सरकार आगे निर्णय लेने से पहले इस पहल और रूट पर पर्यटकों और शहरवासियों की प्रतिक्रिया लेगी। सवारी के लिए प्री-बुकिंग जल्द ही शुरू होगी, जिसमें वयस्कों के लिए टिकट की कीमत 500 रुपये और बच्चों के लिए 300 रुपये होगी।

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली जैसा ब्रिटिश विरासत और आधुनिक सुख-सुविधाओं वाला अनुभव किसी अन्य शहर में नहीं हो सकता।’ अशोक लीलैंड की शाखा स्विच मोबिलिटी द्वारा निर्मित 63 सीटों वाली खुली छत वाली बस, एक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के रूप में शहर के पर्यटन विभाग को उपहार में दी गई थी।

अशोक लीलैंड के कार्यकारी अध्यक्ष धीरज हिंदुजा ने कहा, ‘लोग दिल्ली को आगरा या जयपुर जाने से पहले एक पड़ाव के रूप में देखते हैं। हम शहर में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए पर्यटकों के इस रुझान को बदलने की उम्मीद कर रहे हैं।’ डबल-डेकर बसों की मांग को देखते हुए हिंदुजा ने कहा, ‘हमने पहले ही 110 बसें वितरित कर दी हैं और देश के विभिन्न हिस्सों से 40 और बसों के ऑर्डर हैं।’ मालूम हो कि अशोक लीलैंड देश में डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसें बनाने वाली एकमात्र कंपनी है। दिल्ली में शुरू की गई यह इलेक्ट्रिक बस सरकार के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है। मिश्रा ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि आने वाले वर्षों में शहर में सार्वजनिक वाहनों में सबसे अधिक ईवी हो। इसके तहत हम पर्यटन के लिए जो भी परिवहन प्रदान करेंगे, वह इलेक्ट्रिक होगा।’ भारत में ईवी प्रसार पर हिंदुजा ने कहा कि देश अब ईवी अपनाने के मामले में अन्य देशों से काफी आगे है। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा वित्तीय वर्ष में लगभग 2,000 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर लाई जाएंगी। अगले साल के लिए हमारी ऑर्डर बुक पहले से ही 2,500 यूनिट पर है। इसके अलावा हमने 90 और 55 टन श्रेणी में इलेक्ट्रिक ट्रक भी लॉन्च किए हैं।’

बीते 9 फरवरी को दिल्ली की मुख्यमंत्री ने 500 इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च की थीं, जिससे दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कुल ईवी बेड़े की संख्या 4,000 को पार कर गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा था, ‘हमारा लक्ष्य 2028 तक 14,000 ईवी बसें डीटीसी के बेड़े में जोड़ने का है।’ वर्तमान में दिल्ली में देश के अन्य शहरों के मुकाबले सबसे बड़ा ईवी बस बेड़ा है।

First Published : February 28, 2026 | 12:56 PM IST