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पश्चिम एशिया संकट के कारण 2026 ज्यादा चुनौतीपूर्ण: वित्त मंत्री सीतारमण

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सीतारमण ने सोमवार को कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत को बाहरी और आंतरिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है

Last Updated- April 06, 2026 | 6:33 PM IST
Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत को बाहरी और आंतरिक दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मॉनसून जैसे फैक्टर अब भी प्रमुख घरेलू चिंता बने हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण मौजूदा वर्ष ज्यादा चुनौतीपूर्ण होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

पश्चिम एशिया संकट ‘सिस्टमिक ट्रेमर’

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनैंस एंड पॉलिसी (NIPFP) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, सीतारमण ने पश्चिम एशिया के संघर्ष को “सिस्टमिक ट्रेमर” बताया, जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई की अहम धमनियों (arteries) के लिए खतरा बन गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और अस्पष्टता के दौर से गुजर रही है। साथ ही वैश्विक सार्वजनिक ऋण (public debt) में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कर्ज प्रबंधन के मामले में भारत का प्रदर्शन बेहतर है। कुल ऋण-जीडीपी अनुपात 81 फीसदी है, जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है।

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भारत के पास मजबूत राजकोषीय क्षमता

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश राजकोषीय सूझ-बूझ बनाए रखने में विफल रहने के कारण चुनौतियों से निपटने के लिए सीमित राजकोषीय संसाधनों की समस्या का सामना कर रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि इसके उलट, ”भारत के पास राजकोषीय संसाधन हैं। पूंजीगत व्यय कार्यक्रम को जारी रखने की गुंजाइश है, आरबीआई के पास ब्याज दरें कम करने की गुंजाइश है और प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित सहायता प्रदान करने की क्षमता है। यह एक दशक के राजकोषीय सूझ-बूझ और अनुशासन का परिणाम है।”

उन्होंने कहा कि राजकोषीय गुंजाइश को देखते हुए ही भारत ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम किया और पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ती कीमतों से आम आदमी को बचाने के लिए प्रमुख पेट्रोरसायन उत्पादों पर सीमा शुल्क से छूट दी।

RBI के पास ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए भारत के पास पर्याप्त वित्तीय गुंजाइश है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्याज दर में कटौती की गुंजाइश है।

रिजर्व बैंक गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति बुधवार को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगी। व्यापक रूप से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आरबीआई यथास्थिति बनाये रखेगा। समिति की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को शुरू हुई।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - April 6, 2026 | 5:32 PM IST

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