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SEBI के नए टोटल एक्सपेंस रेश्यो नियम लागू, फिर भी AMC ने बचाया मार्जिन, मुनाफा भी बढ़ा

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नए खर्च नियम लागू होने के बाद भी सूचीबद्ध एएमसी ने कमीशन ढांचे में बदलाव कर अपना मार्जिन बरकरार रखा। कई कंपनियों के पहली तिमाही के मुनाफे में बढ़ोतरी हुई।

Last Updated- July 29, 2026 | 11:26 PM IST
SEBI
नए नियमों के बावजूद AMC का मार्जिन कायम।

परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) ने संशोधित खर्च अनुपात ढांचा लागू होने के बावजूद मार्जिन बरकरार रखा है। उन्होंने निवेशकों से ली जाने वाली अधिकतम फीस को कम कर दिया था। सूचीबद्ध फंड कंपनियों ने नतीजों के बाद की घोषणाओं में कहा कि उन्होंने वितरक कमीशन को दुरुस्त करके इसका असर कम करने में सफलता प्राप्त की है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी ने कहा कि कुल खर्च अनुपात (टीईआर) नियमों में बदलाव का कोई बुरा असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर इक्विटी के लिए उसके मार्जिन 66 आधार अंक और डेट के लिए 32 आधार अंक रहे।

1 अप्रैल से लागू खर्च अनुपात की नई व्यवस्था में कुल खर्च अनुपात (टीईआर) फ्रेमवर्क की जगह आधारभूत खर्च अनुपात (बीईआर) लाया गया है। लिहाजा, वह अतिरिक्त 5 आधार अंक खर्च हटा दिया गया है, जो एएमसी पहले टीईआर व्यवस्था के तहत वसूल सकती थीं। साथ ही ब्रोकरेज, लेनदेन खर्च और वैधानिक लेवी जैसे कुछ खर्चों को अलग से बताने की जरूरत भी तय की। इन बदलावों से म्युचुअल फंड के रिटर्न पर असर पड़ने की आशंका थी।

एएमसी ने कहा कि उन्होंने इसे इंटरमीडियरीज पर डालकर अपना मार्जिन बचाए रखा है। एचडीएफसी एएमसी के प्रबंध निदेशक और सीईओ नवनीत मुनोत ने कहा, हमारा तरीका कमीशन के ढांचे को बेहतर बनाने और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लागत को समझदारी से प्रबंधित करके इसकी भरपाई करना रहा है। इसलिए, कह सकता हूं कि हम अपना मार्जिन बनाए रखने में सफल रहे हैं।

निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी, आदित्य बिरला सन लाइफ एएमसी और यूटीआई एएमसी ने भी कहा कि नियामकीय बदलावों का उनके मार्जिन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। निप्पॉन लाइफ एएमसी ने पहली तिमाही के बाद हुई अर्निंग्स कॉल में कहा, आर्बिट्राज को छोड़ दें तो इक्विटी यील्ड 54 आधार अंक, डेट 25 आधार अंक, लिक्विड 12 आधार अंक और ईटीएफ श्रेणी 25 आधार अंक है। कुल मिलाकर, हमारी यील्ड तिमाही आधार पर 38 आधार अंक पर स्थिर रही। टीईआर में हुए परिवर्तनों का असर हमने कमीशन में बदलाव के जरिये वितरकों पर डाल दिया है, इसलिए वित्तीय स्थिति पर असल में कोई असर नहीं पड़ा है।

एएमसी ने हालांकि स्थिर लाभ दर्ज किया, लेकिन कई वजहों से उनकी पहली तिमाही का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी ने कर पश्चात लाभ में 23 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए 965 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि एचडीएफसी एएमसी और आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी ने लाभ में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी का कर पश्चात लाभ 27 फीसदी बढ़कर 503.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। केनरा रोबोको एएमसी ने कर पश्चात लाभ में 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।

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First Published - July 29, 2026 | 11:21 PM IST

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