प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
फरवरी में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई से लेनदेन में संख्या के हिसाब से 6 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 5 प्रतिशत गिरावट आई है। फरवरी में कुल 20.39 अरब लेनदेन हुए, जिनका मूल्य 26.84 लाख करोड़ रुपये था। मुख्य रूप से फरवरी में दिन की संख्या कम होने के कारण हुआ है।
जनवरी में 21.70 अरब लेनदेन हुआ था, जिनका मूल्य 28.33 लाख करोड़ रुपये था। फरवरी में रोजाना लेनदेन की संख्या बढ़कर 72.8 करोड़ हो गई, जिनका मूल्य 95,865 करोड़ रुपये था, जबकि जनवरी में रोजाना 70 करोड़ लेनदेन हुआ, जिसका मूल्य 91,403 करोड़ रुपये था।
कैशफ्री पेमेंट्स के सह संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी आकाश सिन्हा ने कहा, ‘मासिक आधार पर लेनदेन में मामूली कमी आई है। इसमें ढांचागत स्थिरता नजर आती है। यूपीआई अब प्रमुख बुनियादी ढांचा बन गया है, वृद्धि की कहानी नहीं है। कुल वैश्विक रियल टाइम लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब आधी है, ऐसे में यह अधिकतम स्तर की ओर बढ़ रहा है। अगले चरण के बदलाव में विश्वसनीयता, बाधारहित स्वीकार्यता शामिल होगी।’
दिसंबर में 21.63 अरब लेनदेन हुआ, जिसका मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये है। सालाना आधार पर यूपीआई लेनदेन संख्या के आधार पर 27 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि मूल्य के हिसाब से 22 प्रतिशत अधिक है।