facebookmetapixel
Advertisement
जुलाई में भारत का चालू खाता घाटा दोगुना से ज्यादा बढ़कर 7 अरब डॉलर पर पहुंचाRapido पर ₹10 लाख का जुर्माना, ज्यादा किराया देने के लिए ग्राहकों पर दबाव बनाने का आरोपबप्पा के वैभव से कारोबारी उत्सव में उमंग, ₹50,000 करोड़ के व्यापार का अनुमानCoforge Share: बोर्डरूम विवाद के बाद 4% टूटा शेयर, फिर भी जेफरीज समेत 3 ब्रोकरेज को 20% तेजी की उम्मीद₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर सरकार ने MDR रेट किया तय, प्रति ₹100 के पेमेंट पर लगेगा 40 पैसे का चार्जUPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर हैं कंफ्यूज? आपके मन में उठ रहे हर सवाल का जवाब यहां जान लीजिएमहाराष्ट्र में बनेगा शिपबिल्डिंग हब! ₹15000 करोड़ का निवेश और 90000 रोजगार का दावाबाजार में मंगलवार को मचा हाहाकार! निवेशकों को ₹9.2 लाख करोड़ का नुकसान, बुधवार को कहां रखें नजर?Defence शेयरों में कोहराम! BEL, BEML से लेकर सोलर इंडस्ट्रीज तक के शेयर टूटे; एक्सपर्ट ने बताई वजहतकनीकी खराबी से नहीं रुकेगा शेयर बाजार? SEBI ने मजबूत बैकअप सिस्टम का दिया प्रस्ताव

₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज, MDR रेट हुआ तय; 15 अक्टूबर से होगा लागू

Advertisement

NPCI ने ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 40 बेसिस पॉइंट MDR तय किया है, जिससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना ₹16,000 करोड़ का राजस्व मिलेगा

Last Updated- September 15, 2026 | 8:27 PM IST
UPI Payments
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

UPI से होने वाले बड़े मर्चेंट पेमेंट पर अब मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगेगा। नए नियम के मुताबिक, 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR देना होगा। हालांकि, 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर यह चार्ज 300 रुपये से ज्यादा नहीं होगा। यह 15 अक्टूबर से लागू हो जाएगा।

सरकार ने साफ किया है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और इसका पैसा ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। यह रकम पेमेंट सिस्टम से जुड़े बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडरों और UPI ऐप कंपनियों के बीच बांटी जाएगी। इसका मकसद UPI सिस्टम को चलाने और उसे आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कमाई जुटाना है।

96 फीसदी मर्चेंट पेमेंट पर नहीं लगेगा MDR

नए नियमों से ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार के मुताबिक, कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन में करीब 4 फीसदी पर ही MDR लगेगा। यानी करीब 96 फीसदी मर्चेंट पेमेंट पर पहले की तरह कोई MDR नहीं देना होगा।

2,000 रुपये तक के सभी व्यक्ति से मर्चेंट यानी P2M पेमेंट पर कोई MDR नहीं लगेगा। छोटे मर्चेंट के लिए पहले से चली आ रही जीरो-MDR की व्यवस्था भी जारी रहेगी।

Also Read: UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर हैं कंफ्यूज? आपके मन में उठ रहे हर सवाल का जवाब यहां जान लीजिए

छोटे कारोबारियों को भी इस व्यवस्था में राहत दी गई है। P2PM स्तर के ऐसे छोटे मर्चेंट, जिन्हें UPI QR के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक का पेमेंट मिलता है, उनके किसी भी ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा। इससे सड़क किनारे सामान बेचने वालों, मोहल्ले की दुकानों और दूसरे छोटे कारोबारियों को डिजिटल पेमेंट की लागत नहीं उठानी पड़ेगी।

जरूरी सेवाओं के लिए 5 रुपये का MDR

रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी और कम मुनाफे वाले क्षेत्रों में 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर 5 रुपये का तय MDR लगेगा। यानी पेमेंट की रकम बढ़ने पर भी इन मामलों में MDR नहीं बढ़ेगा।

म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलरों से जुड़े पेमेंट पर MDR की दर और कम रखी गई है। इन पर 0.02 फीसदी MDR लगेगा, जो एक ट्रांजैक्शन पर अधिकतम 300 रुपये होगा।

सरकार ने बैंकों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि MDR का पैसा ग्राहकों से न लिया जाए। UPI ऐप कंपनियां भी प्लेटफॉर्म फीस या किसी छिपे हुए चार्ज के नाम पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं ले सकेंगी।

व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P पेमेंट पूरी तरह फ्री रहेगा। रकम कितनी भी हो, ऐसे पेमेंट पर कोई MDR नहीं लगेगा। UPI से होने वाले कुल लेनदेन की रकम में करीब 70 फीसदी हिस्सा P2P पेमेंट का है।

MDR से मिलने वाली कुल रकम का 5 फीसदी एक अलग फंड में जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल छोटे कारोबारियों के बीच UPI का इस्तेमाल बढ़ाने और डिजिटल पेमेंट की पहुंच को और बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

Advertisement
First Published - September 15, 2026 | 7:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement