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एसआईपी से बेहतर तो कमाई का यह सिस्टम

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Last Updated- December 05, 2022 | 7:13 PM IST

सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानी सिप बहुत सारे निवेशकों के लिए समझदारी भरे निवेश का एक तरीका है।


बाजार में एक साथ पैसा डालने के बजाए निवेशक इसमें तय समय के लिए नियमित रूप से तय रकम का निवेश करते हैं। म्युचुअल फंडों को भी एसआईपी की स्कीमें बेचने में बहुत मशक्कत नहीं करनी पड़ती। इस तरह की स्कीम एक बहुत बडे वर्ग के निवेशकों को आकर्षित करती है क्योंकि इनमें हर महीने 500 रुपये भी डाले जा सकते हैं और दुनिया का सबसे रईस आदमी भी हैसियत के मुताबिक एक तय रकम हर महीने इसमें डाल सकता है।


लेकिन एसआईपी से बेहतर रिटर्न कमाने के भी तरीके हैं। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि केवल एसआईपी में निवेश करने भर से रिटर्न नहीं मिलेंगे। अगर गलत स्कीम में पैसा लगा है तो नुकसान भी हो सकता है, लिहाजा स्कीम का चुनाव अहम है।


हर महीने निवेश का तरीका अपनाने से इसमें नियमितता आती है और आप एक तरह से दबाव में बचत करते हैं। हर महीने इसमें रकम डालनी होती है, इससे आप अपने खर्चों पर भी लगाम रखते हैं। लेकिन एसआईपी से भी बेहतर रिटर्न पाने का तरीका है और वह है एक साथ पैसा लगाकर। 


हम थोडे पीछे की बात करते हैं जब बाजार में रैली थी। पहली मई, 2003 को  बाजार में रैली की शुरुआत थी, हम निवेशक को ऐसे मौके पर एसआईपी में निवेश का मौका देते हैं यानी पहली मई को एक निवेशक 10,000 लगाता है और इसके बाद हर पहली को वह दस हजार डालता है।


दूसरी ओर अगर हम अपने बचत खाते में हर महीने 10,000 रुपये बचाएं और निफ्टी में 10 फीसदी की गिरावट पर उसका केवल 50 फीसदी निवेश करें और अगले दस फीसदी की गिरावट पर बाकी का 50 फीसदी लगाएं।


अगर उसी महीने निफ्टी 10 फीसदी और गिर जाए तो आपके पास लगाने के लिए पैसा नहीं होगा और यह मौका आपको चूकना होगा। आप तभी निकलेंगे जब आपको अपने निवेश पर 50 फीसदी का  मुनाफा मिले। ऐसे में निवेश का पहला मौका हमें 22 जनवरी 2004 को मिलेगा जब निफ्टी 10 फीसदी गिरा।


मान लीजिए तब तक हमारे खाते में 90,000 रुपये थे और हमने 45,000 रुपए 23 जनवरी 2004 को लगा दिए। उस दिन निफ्टी 1847 पर बंद हुआ था। यानी हमने यह रकम 1847 के स्तर पर लगाई। कुल मिलाकर इस दौरान हमें निवेश के ऐसे 12 मौके मिले और मुनाफावसूली के 9 मौके मिले। अब हम रिटर्न देखते हैं। हम पाते है कि इस दौरान एसआईपी ने 28 फीसदी सालाना का रिटर्न दिया जबकि निफ्टी में यह रिटर्न 39 फीसदी का रहा।


अगर हमने किसी ऐक्टिव इनवेस्टमेंट प्लान के जरिए निवेश किया होता तो रिटर्न 48 फीसदी होता। एसआईपी में 0 हजार रु.हर महीने लगाकर  5,10,000 रुपये लगाए और 3 अप्रैल 2008 तक इस पर 4,16,000 रुपये का मुनाफा कमाया। जबकि दूसरे केस में हमने अब तक 1,30,000 रुपये का निवेश किया और इसके बावजूद इस पर 3,88,000 रुपये का मुनाफा  कमाया। कोई बुरी डील नहीं रही यह भी।

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First Published - April 7, 2008 | 12:34 AM IST

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