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Muse Wearables ने भारत में स्मार्ट रिंग से तुरंत भुगतान के लिए NPCI रूपे नेटवर्क से की साझेदारी

उपयोगकर्ता किसी भी नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफएस) वाले प्वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल पर म्यूज की स्मार्ट रिंग को टैप करके तुरंत और सुरक्षित तरीके से भुगतान कर सकेंगे

Last Updated- October 13, 2025 | 10:47 PM IST
Smart ring
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत की बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी स्टार्टअप म्यूज वियरेबल्स ने पहला वीयरेबल भुगतान परिवेश लाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के साथ साझेदारी की है। यह म्यूज वॉलेट और एनपीसीआई के विश्वसनीय रुपे नेटवर्क द्वारा संचालित है।

नए परिवेश के जरिये उपयोगकर्ता किसी भी नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफएस) वाले प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल पर म्यूज की स्मार्ट रिंग को टैप करके तुरंत और सुरक्षित तरीके से भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए फोन, कार्ड और वॉलेट की कोई आवश्यकता नहीं होगी। फिलहाल, यह 40 से ज्यादा देशों में मौजूद है और करीब 600 बैंकों के कार्ड को सपोर्ट करने वाला म्यूज वॉलेज अब रूपे के जरिये अपने वैश्विक प्लेटफॉर्म को भारत ला रहा है, जिससे देश भर के लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित और सहज डिजिटल भुगतान तक पहुंच सुनिश्चित होगा। इनमें मझोले शहर और कस्बाई इलाके भी शामिल होंगे।

बेंगलूरु मुख्यालय और अमेरिका, यूरोप तथा अन्य क्षेत्रों से परिचालन करने वाली भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास की इस कंपनी में 200 सदस्यों की एक डीपटेक टीम है। यह टीम बेहतरीन, कार्यात्मक और मानवीय तौर पर उन्नत उत्पाद डिजाइन और उन्हें तैयार करती है। पूरी तरह से भारत में विकसित, डिजाइन और निर्मित म्यूज की वियरेबल्स और भुगतान प्रौद्योगिकी मेक इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड महत्त्वाकांक्षा को साथ लाती है।

म्यूज वियरेबल्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी केएलएन साई प्रशांत ने कहा, ‘हम भारत के लिए एक बेहतरीन विकल्प तैयार कर डिजिटल वॉलेट परिवेश में विदेशी प्रौद्योगिकी दिग्गजों को टक्कर दे रहे हैं। इससे यह साबित होता है कि विश्वसनीय प्रौद्योगिकी भारत में भी बनाई जा सकती है। म्यूज वॉलेट के साथ हम नकद रहित (कैशलेस) भुगतान को और आसान बना रहे हैं। अगले दो वर्षों में हमारा लक्ष्य लाखों रूपे कार्डधारकों को वियरेबल्स भुगतान की सुविधा मुहैया कराना है।’

प्रशांत ने कहा, ‘एनपीसीआई और रूपे जैसे विश्वसनीय भागीदारों की मदद से म्यूज वियरेबल्स को भारत का पहला सुरक्षित एलिमेंट टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्म रिंग वन और म्यूज वॉलेट पेश करने पर गर्व हो रहा है। मैं एनपीसीआई और रूपे की टीमों का उनके विजन और सहयोग के लिए पूरी तरह आभारी हूं। इसके अलावा हमारे पहले जारीकर्ता भागीदार लिवक्विक और प्रौद्योगिकी साझेदारी के लिए इन्फिनियॉन का भी धन्यवाद देता हूं। सबसे ज्यादा मैं म्यूज वियरेबल्स की अद्भुत टीम को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया है।’

क्या है म्यूज वॉलेट

इस परिवेश के केंद्र में म्यूज वॉलेट है। यह एक डीपटेक भुगतान प्लेटफॉर्म है, जो रिंग वन में टोकेनाइज्ड हार्डवेयर स्तरीय लेनदेन को सक्षम बनाता है। यह भारत का पहला सुरक्षित टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्न होने का दावा करता है और इसे वैश्विक ईएमवी और पीसीआई सुरक्षा मानकों को पूरा करने के वास्ते एसपीसीआई और रूपे के साथ साझेदारी के जरिये बनाया गया है।

म्यूज वॉलेट किसी भी रूपे क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड को एक सुरक्षित डिजिटल टोकन में तब्दील करने और सीधे एक बगैर छेड़छाड़ वाले सुरक्षित एलिमेंट (एसआई) चिप में संग्रहीत करने में सक्षम बनाता है। बैंक कार्ड और पासपोर्ट में भी इसी तरह की हार्डवेयर सुरक्षा स्तर का उपयोग किया जाता है। यह फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम या ऐप्लिकेशन से संवेदनशील क्रेडेंशियल्स को पूरी तरह से अलग रखता है। म्यूज वियरेबल्स ने पहले ही जारीकर्ता बैंकों को म्यूज वॉलेट में शामिल करना शुरू कर दिया है और इसका लक्ष्य भारत में सभी जारीकर्ताओं को समर्थन प्रदान करना है, जिससे भुगतान का यह नया तरीका सही मायने में सर्वसुलभ हो जाए।

म्यूज वियरेबल्स की सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी प्रत्यूषा कामराजुगड्डा ने कहा, ‘हमारा नजरिया शुरू से ही वेलनेस, सुरक्षा और सुविधा को एक बेहतरीन तरीके से  शामिल करने का रहा है। म्यूज वॉलेट के साथ, हम भारत का पहला सुरक्षित एलिमेंट टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, जो उपयोगकर्ताओं को कोई भी रूपे कार्ड जोड़कर तुरंत भुगतान करने में सक्षम बनाता है। इसके लिए फोन, वॉलेट की जरूरत नहीं पड़ती है आप सिर्फ अपनी अंगूठी (रिंग) को टैप कर भुगतान कर सकेंगे। भारत में जन्मे एक विचार को वैश्विक स्तर पर व्यक्तिगत प्रौद्योगिकी के लिए एक नया मानक स्थापित करते देखना गर्व की बात है।’

म्यूज वियरेबल्स के उपाध्यक्ष (वैश्विक कारोबार) साहिल अजय चौधरी ने कहा, ‘म्यूज रिंग वन पेमेंट्स के लिए दुनिया भर से मिली प्रतिक्रिया अभूतपूर्व रही है। हम पहले से ही मास्टरकार्ड नेटवर्क पर 40 देशों और 600 बैंकों में मौजूद हैं। रूपे में शामिल होने के साथ अब हम वही विश्वस्तरीय अनुभव भारत में ला रहे हैं। हम सभी जारीकर्ताओं और बैंकिंग भागीदारों को संपर्क रहित भुगतान की अगली पीढ़ी के निर्माण में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं। इस पेशकश को संभव बनाने में उनकी दूरदर्शिता, दक्षता और असाधारण सहयोग के लिए हमारे रणनीतिक साझेदार एनपीसीआई को हम धन्यवाद देते हैं।’

First Published - October 13, 2025 | 10:47 PM IST

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