प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
निजी क्षेत्र के भारत के बैंकों के लिए 2025 निर्णायक साल रहा है। घरेलू बैंकों में इस साल 6 अरब डॉलर से अधिक विदेशी निवेश आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अनुकूल विनियामक वातावरण, बैंकों की साफ सुथरी बैलेंस शीट, भारत की वृद्धि की क्षमता और मझोले बैंकों की दीर्घकालिक चक्रवृद्धि संभावनाओं को लेकर निवेशकों के भरोसे सहित कई वजहों से निवेश आकर्षित हुआ है। उनका कहना है कि 2026 में भी यह गति जारी रहने की संभावना है, क्योंकि कई मध्यम स्तर के निजी बैंकों को अभी भी अपने विस्तार के लिए पूंजी की आवश्यकता है। साथ ही उन्हें बैलेंस शीट मजबूत करके वृद्धि की राह की मौजूदा बाधाओं को दूर करना है।
फेडरल बैंक के कार्यकारी निदेशक, हर्ष डूगर ने कहा, ‘इस साल पूंजी आकर्षित करने वाले कई बैंकों को वृद्धि के अगले चरण में बढ़ने के लिए पूंजी की जरूरत थी। इसकी वजह से निवेशकों को एक बेहतरीन मौका मिला।’
न्यूयॉर्क की विश्व की सबसे बड़ी वैकल्पिक संपत्ति प्रबंधन फर्म ब्लैकस्टोन ने फेडरल बैंक में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 6,196.51 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। डूगर ने कहा, ‘इस दौरान नियामकीय रुख भी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक उदार रहा है। खासकर विदेशी बैंकों को भारतीय बैंकों में पर्याप्त हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति देने के संबंध में उदार नीति अपनाई गई। इस की वजह निवेश की आवक और सुगम हुई। इसके अलावा निवेशक भारत के बैंकिंग क्षेत्र के दृष्टिकोण को लेकर पर्याप्त आश्वस्त दिख रहे हैं।’
इस साल जापान के वित्तीय समूहों ने भारत की वित्तीय सेवाओं में मोटा निवेश किया। इसकी शुरुआत सुमीतोमो मित्सुई फाइनैंशियल ग्रुप (एसएमएफजी) से जुड़ी सुमीतोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एसएमबीसी) के निवेश से हुई। एसएमबीसी ने निजी क्षेत्र के येस बैंक में 1.6 अरब डॉलर निवेश कर 24 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी खरीदी।
जापान के मिजुहो फाइनैंशियल ग्रुप (एमएफजी) ने कहा कि वह अपनी सहायक कंपनी मिजुहो सिक्योरिटीज के माध्यम से अवेंडस कैपिटल में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी खरीदेगी। इसमें अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर द्वारा रेडपॉइंट इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से की गई हिस्सेदारी 51.6 करोड़ डॉलर में खरीदी जाएगी। मित्सुबिसी यूजेएफ फाइनैंशियल ग्रुप (एमयूएफजी) की इकाई एमयूएफजी बैंक श्रीराम फाइनैंस में 39,618 करोड़ रुपये निवेश करके 20 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगा।