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पुरानी कार पर कर्ज की ईएमआई बढ़ जाती है ऊंची ब्याज दरों से

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:25 PM IST

बजाज फाइनैंस ने हाल में पुरानी कारों पर ऋण मुहैया कराने के लिए ऐसी कारों के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कार्स24 से गठजोड़ किया है। इस क्षेत्र में बहुत से बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां पहले से ही मौजूद हैं। बाजार शोध कंपनी मोरडोर इंटेलिजेंस के मुताबिक भारत में पुरानी कारों का बाजार वर्ष  2020 में 27 अरब डॉलर था। यह 2021 से 2026 के बीच 15 फीसदी चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर से बढ़कर 50 अरब डॉलर पर पहुंचने के आसार हैं। हालांकि पुरानी कारों पर ऋण अभी शुरुआती दौर में ही है।
बजाज फाइनैंस के उप मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) अनूप साहा ने कहा, ‘भारत में पुरानी कारों के उद्योग में उपभोक्ता ऋण की उपलब्धता महज 15 फीसदी है।’ जो खरीदार पुरानी कार पर ऋण का विकल्प चुन रहे हैं, उन्हें बहुत से मुद्दों पर स्पष्टता प्राप्त करने की जरूरत है। पूनावाला फिनकॉर्प के समूह सीईओ विजय देशवाल ने कहा, ‘कर्ज लेने वालों को पात्रता का मापदंड, उन्हें मिलने वाली संभावित राशि, कर्ज लौटाने की अवधि, ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और मासिक किस्त को समझने की जरूरत है। अपने क्रेडिट ब्यूरो स्कोर को जानना बेहतर दर पर ऋण हासिल करने में मददगार हो सकता है।’
पैसाबाजार के वरिष्ठ निदेशक गौरव अग्रवाल के मुताबिक, ‘पुरानी कार के मॉडल, पुरानेपन और स्थिति जैसे कारकों का ऋण की राशि, अवधि और मंजूरी पर असर पड़ता है।’

ब्याज दर, मूल्यांकन और अवधि
आम तौर पर ऋणदाता पुरानी कारों पर ऋण देने में नई कारों की तुलना में ज्यादा ब्याज वसूलते हैं। बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, ‘पुरानी कार में जोखिम अधिक होता है। ऋणदाता कर्जदार के प्रोफाइल को थोड़ा जोखिमपूर्ण मानते हैं। इसके अलावा वाहन के बीते वर्षों के बारे में बहुत कम पता लगाया जा सकता है। दूसरी तरफ विनिर्माता नए वाहनों एवं कलपुर्जों पर गारंटी देते हैं।
आम तौर पर ऋणदाता पुरानी कार के मूल्य का 70 से 90 फीसदी ही ऋण देते हैं। इसके अलावा उनके पुरानी कार के मूल्यांकन के अपने तरीके हैं। ऋणदाता द्वारा तय मूल्य खरीदार द्वारा चुकाए जाने वाले मूल्य से कम हो सकता है। ऋण की अवधि भी एक चुनौती बनती है। किसी भी कार का जीवनकाल 15 साल माना जाता है। ज्यादातर ऋणदाता 8 से 10 साल से ज्यादा पुरानी कार पर कर्ज नहीं देते हैं। ऋण की अवधि भी इस अवधि से ज्यादा नहीं होती है। शेट्टी ने कहा, ‘अगर आप पांच साल पुरानी कार खरीद रहे हैं तो आपके ऋण की अवधि तीन से पांच साल से ज्यादा नहीं होगी।’
स्थापित कंपनी से खरीदें कार
अगर आप पुरानी कार बाजार की किसी स्थापित कंपनी से कार खरीदते हैं तो आपको आसानी से ऋण मिलने की संभावना है। अगर आप पड़ोसी से खरीदारी कर रहे हैं तो कर्ज मिलना मुश्किल हो सकता है। ऋणदाताओं के लिए किसी स्थापित कंपनी द्वारा बेची जाने वाली कार का मूल्यांकन करना ज्यादा आसान होता है। वह पुरानी कार खरीदने से बचें, जिस पर कर्ज पहले ही बकाया है। इसके अलावा डीलर (जिसका ऋणदाता से करार होता है) द्वारा मुहैया कराया जाने वाला ऋण लेने से बचें क्योंकि वह कर्ज पर 1-2 फीसदी कमीशन लेता है।

विकल्पों पर करें विचार
कुछ वैकल्पिक ऋण विकल्प उपलब्ध हैं। अग्रवाल ने कहा, ‘व्यक्तिगत ऋण लें, जिसमें आपको अपनी पात्रता के आधार पर राशि मिलेगी। यह पूरी खरीद कीमत की भरपाई कर सकती है।’ इसमें आम तौर पर ब्याज दर पुरानी कार ऋण से कम होती है। मौजूदा आवास ऋण कर्जदारों के पास एक अन्य विकल्प है। वे आवास ऋण पर टॉप-अप ले सकते हैं। यह पुरानी कार खरीदने के लिए कर्ज का सबसे सस्ता विकल्प हो सकता है।

इसे किसे अपनाना चाहिए
जो लोग मोटी कीमत का वाहन खरीदना चाहते हैं, लेकिन उनके पास उतनी धनराशि नहीं है, वे पुरानी कार खरीदने के बारे में विचार कर सकते हैं। शेट्टी ने कहा, ‘इससे आप अपनी वित्तीय स्थिति पर दबाव डाले बिना एक महंगा वाहन खरीद सकते हैं।’ उदाहरण के लिए सी और डी सेगमेंट की सिडैन के दाम पहले साल में ही 40 फीसदी तक कम हो जाते हैं। इस समय जिन लोगों के पास दोपहिया वाहन है और चारपहिया वाहन लेना चाहते हैं, वे पुरानी कार खरीदने के बारे में विचार कर सकते हैं। देशवाल ने कहा, ‘ऐसे छोटे उद्यमों के मालिक जो खुद आने-जाने के लिए और व्यावसायिक इस्तेमाल में मदद के लिए दो कारें रखना चाहते हैं, वे भी पुरानी कार खरीदने पर विचार कर सकते हैं।’ जो लोग 5 से 7 साल के लिए कार रखना चाहते हैं, उनके लिए पुरानी कार से बचना बेहतर होगा।

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First Published - February 6, 2022 | 11:11 PM IST

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