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सहकारी बैंकों में बेहतर गवर्नेंस, तकनीक और मजबूत आंतरिक नियंत्रण पर आरबीआई का जोर

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रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने केंद्रीय बैंक और आरसीएस / सीआरसीएस के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और जरूरत पड़ने पर समय पर कार्रवाई करने पर जोर दिया

Last Updated- September 02, 2026 | 11:40 PM IST
Reserve Bank of India (RBI)
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि सहकारी बैंकों में प्रोफेशनल व ‘फिट-ऐंड-प्रॉपर’ बोर्ड व वरिष्ठ प्रबंधन, मजबूत आंतरिक नियंत्रण, ज्यादा तकनीक का इस्तेमाल और कमजोर बैंकों का समय पर समाधान अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

मुर्मू ने 1 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक के नई दिल्ली कार्यालय में आयोजित सहकारी सोसाइटीज के रजिस्ट्रार के तीसरे सम्मेलन में कहा, ‘भारत में सहकारी सोसायटी की जड़ें गहरी हैं। किसी सहकारी सोसायटी को एक बार बैंक का लाइसेंस मिल जाता है तो उस पर ज्यादा जिम्मेदारियां व जवाबदेही आ जाती है।’

इस सम्मेलन में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे और मुर्मू, कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ के सेंट्रल रजिस्ट्रार शिव पाल सिंह, अलग-अलग राज्यों के सहकारी सोसाइटी के रजिस्ट्रार और रिजर्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मुर्मू ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) में बेहतर गवर्नेंस और संस्थागत क्षमता के साथ-साथ ज्यादा तकनीक अपनाने और प्रभावी आंतरिक नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कमजोर यूसीबी के समय पर समाधान की भी बात कही।

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने केंद्रीय बैंक और आरसीएस / सीआरसीएस के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और जरूरत पड़ने पर समय पर कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी और धोखाधड़ी व गैरकानूनी रूप से धन प्राप्त करने वाले खातों (मनी-म्यूल खाते) के खिलाफ नियंत्रण मजबूत करने की जरूरत पर भी प्रकाश डाला।

स्वामीनाथन ने ‘मिशन सक्षम’ का जिक्र किया जो सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में क्षमता निर्माण के मकसद से शुरू की गई पहल है। सहकारी सोसाइटीज़ के सेंट्रल रजिस्ट्रार शिव पाल सिंह ने भी सहकारी अधिकारियों और रिजर्व बैंक के बीच बेहतर तालमेल, यूसीबी में लगातार प्रोफेशनलाइजेशन और समापन की प्रक्रिया से गुजर रहे बैंकों के समय पर समाधान की जरूरत पर जोर दिया।

सम्मेलन में यूसीबी की कार्यप्रणाली, विनियमन और सुपरवाइज़री मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें रिजर्व बैंक और डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की उम्मीदों पर भी चर्चा हुई।  यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब रिजर्व बैंक और सहकारी अधिकारी यूसीबी क्षेत्र में गवर्नेंस और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और इसमें प्रोफेशनल प्रबंधन, आंतरिक नियंत्रण, तकनीक और समाधान के तरीकों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

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First Published - September 2, 2026 | 11:40 PM IST

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