facebookmetapixel
Advertisement
Delhi EV Policy 2.0 1 जुलाई से होगी लागू, EV खरीदने पर ₹50,000 तक मिलेगी सब्सिडी; जानें पूरा प्लानPhysical Gold Vs Digital Gold: कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद? समझ लें नफा-नुकसानPFC-REC मर्जर को मंजूरी! शेयरधारकों के लिए क्या है इसके मायने; स्टॉक 2.3% तक टूटेBajaj Auto Share Buyback: 1 जुलाई से शुरू होगा ₹5,632 करोड़ का बायबैक, निवेशकों की खुलेगी किस्मतExplainer: अब टैक्स ऑफिस जाने का झंझट खत्म! टैक्स नोटिस आने पर घर बैठे ‘e-Proceedings’ के जरिए दें जवाबJio BlackRock का पहला SIF लॉन्च, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर लगाया दांव; क्या आपको करना चाहिए निवेश?Turtlemint IPO Listing: पहले ही दिन लगा झटका! 11% डिस्काउंट पर हुई एंट्री, अब निवेशक बेचें या करें होल्ड?टैक्स राहत के बाद भारतीय बॉन्ड बाजार में ग्लोबल फंड्स की बढ़ी दिलचस्पी, रुपये को मिला सहाराअमेरिका ने फिर ईरान पर किया हमला, बहरीन-कुवैत हमले के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शनMSME लोन से बैंकिंग सेक्टर को रफ्तार! SBI, HDFC समेत ये बैंक शेयर बने ब्रोकरेज की पसंद

बैंक धोखाधड़ी की राशि रह गई आधी, मामले बढ़े

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 6:38 PM IST

बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा 2021-22 में सूचित धोखाधड़ी के मामले मूल्य के हिसाब से आधे रह गए हैं। हालांकि धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ी हैं। आज जारी रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट में यह सामने आया है।
2021-22  में 60,414 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की सूचना आई। यह 2020-21 के 1.38 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 56.28 प्रतिशत कम है। धोखाधड़ी की संख्या के हिसाब से देखें तो इन इकाइयों ने 23.69 प्रतिशत ज्यादा धोखाधड़ी की सूचना दी है। 2021-22 में धोखाधड़ी के मामले बढ़कर 9,103 हो गए, जबकि 2020-21 में 7,359 मामले सामने आए थे।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों में 1 लाख रुपये और इससे ज्यादा के धोखाधड़ी के मामले ही शामिल किए जाते हैं। साथ ही यह भी अहम है कि किसी साल विशेष में हुई धोखाधड़ी की रिपोर्ट में यह भी संभव है कि मामले कई साल पुराने हों। साथ ही रिपोर्ट की गई राशि से घाटे का पता नहीं चलता। यह रिकवरी पर निर्भर है कि राशि कितनी कम रह जाती है।
रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट से पता चलता है, ‘पिछले 3 साल से बैंक समूह के मुताबिक धोखाधड़ी के आंकड़ों से पता चलता है कि निजी क्षेत्र के बैंकों  में धोखाधड़ी की संख्या अधिकतम हैं, जबकि धोखाधड़ी की राशि के मामले में सरकारी बैंक ऊपर हैं।’
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दी गई धोखाधड़ी की सूचना में कम राशि शामिल है, और मामले छोटे मूल्य के कार्डों व इंटरनेट धोखाधड़ी संबंधी हैं, जबकि सरकारी बैंकों में मूल्य के हिसाब से धोखाधड़ी के बड़े मामले सामने आए हैं, जो कर्ज पोर्टफोलियो के हैं।’ साथ ही संख्या व राशि दोनों हिसाब से धोखाधड़ी कर्ज पोर्टफोलियो के ज्यादा हैं। कर्ज में धोखाधड़ी के मामले मूल्य के हिसाब से 42.2 प्रतिशत हैं, जिनकी कुल राशि 58,328 करोड़ रुपये है। धोखाधड़ी के हिसाब से कार्ड व इंटरनेट की हिस्सेदारी 39.5 प्रतिशत है, जबकि इसका मूल्य महज 0.2 प्रतिशत है।

Advertisement
First Published - May 28, 2022 | 12:19 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement