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महंगाई के दबाव से सेवा पीएमआई में आई कमी: S&P Global

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Last Updated- June 05, 2023 | 11:12 PM IST
Service PMI

भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर मई महीने में घटी है। एक निजी एजेंसी की ओर से सोमवार को पेश किए गए सर्वे के मुताबिक इनपुट लागत और आउटपुट दोनों पर महंगाई के दबाव के कारण ऐसा हुआ है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसऐंडपी ग्लोबल के सेवा क्षेत्र के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सर्वे के प्रमुख आंकड़ों के मुताबिक मई में सेवा पीएमआई मामूली गिरकर 61.2 प्रतिशत पर आ गया है, जो अप्रैल में 13 साल के उच्च स्तर 62 पर था। मई में सेवा पीएमआई 13 साल में दूसरे शीर्ष स्तर पर है।

सर्वे में 50 अंक से ऊपर सेवा गतिविधियों के विस्तार और इससे कम अंक संकुचन का संकेतक होता है। अगस्त 2021 के बाद से ही सेवा क्षेत्र का 22 महीनों से लगातार विस्तार हो रहा है। पीएमआई करीब 400 सेवा कंपनियों की प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किया जाता है, जिसमें गैर खुदरा ग्राहक सेवाएं, परिवहन, सूचना, संचार, वित्त, बीमा रियल एस्टेट और बिजनेस सेवाएं शामिल होती हैं।

सर्वे में कहा गया है, ‘जुलाई 2010 के बाद से उत्पादन दूसरे सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा है। इससे सकारात्मक मांग के कारण नए कारोबार में टिकाऊ वृद्धि से समर्थन मिला है। मांग की अनुकूल स्थिति, नए ग्राहक मिलने और बाजार की सकारात्मक धारणा से आउटपुट को समर्थन मिला है।’

सर्वे में शामिल कंपनियों ने कहा है कि भारत की सेवाओं की बाहरी मांग में मई महीने में सुधार जारी रही है। नए निर्यात कारोबार में लगातार चौथे महीने में वृद्धि और नए कारोबार में सतत बढ़ोतरी के कारण सेवा कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करके परिचालन क्षमता बढ़ाई है। सर्वे में कहा गया है कि रोजगार में सुस्त दर से बढ़ोतरी हुई है।

एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि मई के लिए पीएमआई के आंकड़े मौजूदा मांग में लचीलापन, उत्पादन में बेहतर वृद्दि और नौकरियों के सृजन को प्रदर्शित करते हैं। भारत का सेवा क्षेत्र महंगाई दर के दबाव और बढ़ती लागत के बावजूद प्रभावशाली वृद्धि दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘लागत में बढ़ोतरी और ग्राहकों के लिए सस्ती कीमत बरकरार रखने के बीच संतुलन साधते हुए कंपनियों ने मई महीने में भी बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी की है। सर्वे में आउटपुट शुल्क में करीब 6 साल में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है।’

सर्वे में पाया गया है कि लागत का बोझ बढ़ने के कारण फर्मों ने मई महीने में अपनी सेवाओं के लिए ज्यादा वसूला है। ग्राहक सेवा कंपनियों के इनपुट लागत में तेज बढ़ोतरी हुई है। परिवहन, सूचना एवं संचार क्षेत्रों ने महंगाई के कारण सबसे ज्यादा शुल्क वसूला है।

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First Published - June 5, 2023 | 11:12 PM IST

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