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राजस्व में तेजी बने रहने की उम्मीद

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:26 PM IST

 भारत नकदी का स्तर बढ़ाने को लेकर बेहतर स्थिति में है, जिससे वृद्धि में कोई व्यवधान नहीं आएगा। साथ ही साल के शेष महीने में राजस्व संग्रह में तेजी बने रहने की संभावना है। संपर्क वाली सेवाओं में भी तेजी आने की उम्मीद है। बहरहाल यूरोप में आने वाले जाड़े के मौसम में गिरावट का जोखिम है, जिसका असर अन्य भौगोलिक इलाकों पर भी पड़ सकता है।
वित्त मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी हाल के मासिक आर्थिक रिपोर्ट (अगस्त के लिए) से यह अहम निष्कर्ष निकलकर आया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है, ऐसे में वृद्धि कम होने का जोखिम है। महंगाई के मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं है, क्योंकि खरीफ सत्र में फसलों की कम बोआई हुई है। ऐसे में कृषि जिंसों के भंडार और बाजार भाव को लेकर उचित प्रबंधन की जरूरत है, जिसमें कृषि निर्यात भी खतरे में न पड़ने पाए।’जाड़े के मौसम के पहले रूस ने यूरोप के प्रमुख इलाके में ऊर्जा की कटौती कर दी है। मंत्रालय ने कहा है कि इससे विकसित देशों का ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान बढ़ा है और इससे भूराजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए परीक्षा का वक्त है।
इसमें कहा गया है कि इस अनिश्चित दौर में यह संभव नहीं होगा कि संतुष्ट रहा जाए और लंबे वक्त तक बैठे रहा जाए। स्थिरता और टिकाऊ विकास के लिए वृहद आर्थिक स्थिति पर नजर रखनी होगी। वित्त वर्ष 23 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत रही है, जो भारतीय रिजर्व बैंक और स्वतंत्र विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा है। इसकी वजह से वित्त वर्ष 23 के वृद्धि अनुमान में तमाम बैंकों व एजेंसियों ने कटौती कर दी है। बहरहाल भारत अभी भी इस साल प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। भारत में खुदरा महंगाई दर 3 महीने से कम हो रही थी, जो अगस्त में पहले के महीन 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई है। इससे इस माह के आखिर में रिजर्व बैंक पर नीतिगत दरों में और बढ़ोतरी का दबाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के बाहरी क्षेत्र के संकेतक मजबूत थे और मार्च तिमाही के अंत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पाने के मामले में यह पांचवें स्थान पर रहा है। इसमें कहा गया है, ‘भारत का विदेशी मुद्रा का भंडार अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में तीसरा सबसे बड़ा भंडार है। यह 9 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है, जो अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में ज्यादा है।’

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First Published - September 18, 2022 | 10:43 PM IST

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