facebookmetapixel
Advertisement
AI से रियल एस्टेट में आएगा बूम? इन कंपनियों के लिए खुल सकता है लाखों करोड़ का मौकाShare Market: शेयर बाजार में फिर बिकवाली! क्या 24,000 के नीचे जाएगा Nifty?क्या होम लोन की लंबी EMI आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग को प्रभावित करती है? एक्सपर्ट से समझेंPM आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव हिरासत में, आंदोलन जारी रखने का ऐलानAdani Total Gas Q1 Results: मुनाफा 18% घटकर ₹133 करोड़ रहा, रेवेन्यू में 27% की जोरदार बढ़ोतरीसिर्फ रजिस्ट्रेशन से नहीं बनेगी वसीयत वैध, सुप्रीम कोर्ट ने बताए नियम; जानें असली वसीयत कैसे साबित करें?Bandhan Bank Q1 results: मुनाफा 35% बढ़कर ₹501 करोड़ के पार, ग्रॉस NPA घटकर 3.15% पर आयाExplainer: पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट से सहमी दुनिया, क्या भारत में फिर बढ़ेगी महंगाई और जेब पर पड़ेगा बोझ?सिक्किम टनल हादसा: अब तक 10 मजदूरों की मौत, बचाव कार्य जारीनॉमिनी के लिए राहत, सेबी ने बदली म्युचुअल फंड क्लेम प्रक्रिया; जानिए क्या बदला

PMI Data: सितंबर में भारत का फ्लैश पीएमआई 61.9 पर, वृद्धि की रफ्तार में थोड़ी मंदी

Advertisement

PMI Data: कारखानों का उत्पादन सेवाओं की तुलना में तेजी से बढ़ा, हालांकि दोनों सेक्टरों में वृद्धि की गति थोड़ी धीमी हुई।

Last Updated- September 23, 2025 | 11:33 AM IST
India Composite PMI May 2026
Representative Image

HSBC के फ्लैश इंडिया कॉम्पोजिट आउटपुट इंडेक्स के अनुसार, जो भारत के निर्माण और सेवा सेक्टर के संयुक्त प्रदर्शन को मापता है, सितंबर में 61.9 पर आ गया, जबकि अगस्त में यह 63.2 था। यह आंकड़ा मामूली धीमी वृद्धि को दर्शाता है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में विस्तार की गति अभी भी मजबूत बनी हुई है। पिछले दो साल में यह रीडिंग दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है।

कारखानों का उत्पादन सेवाओं की तुलना में तेजी से बढ़ा, हालांकि दोनों सेक्टरों में वृद्धि की गति थोड़ी धीमी हुई।

HSBC के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग PMI में थोड़ी मंदी आई है, लेकिन इसकी वृद्धि दर अभी भी मजबूत बनी हुई है। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने से अगस्त-सितंबर में नए निर्यात आदेशों में वृद्धि धीमी रही। हालांकि, 2025 की शुरुआत से अमेरिका के लिए निर्यात पहले ही बढ़ा दिया गया था। वहीं, घरेलू नए ऑर्डर पिछले दो महीनों में बढ़े हैं, शायद कम GST दरों की घोषणा के कारण। कुल मिलाकर, उच्च टैरिफ का असर अब तक कम कर दी गई टैक्स दरों ने कुछ हद तक संतुलित कर दिया है।”

Advertisement
First Published - September 23, 2025 | 11:33 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement