facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

PMI Data: सितंबर में भारत का फ्लैश पीएमआई 61.9 पर, वृद्धि की रफ्तार में थोड़ी मंदी

PMI Data: कारखानों का उत्पादन सेवाओं की तुलना में तेजी से बढ़ा, हालांकि दोनों सेक्टरों में वृद्धि की गति थोड़ी धीमी हुई।

Last Updated- September 23, 2025 | 11:33 AM IST
PMI
Representative Image

HSBC के फ्लैश इंडिया कॉम्पोजिट आउटपुट इंडेक्स के अनुसार, जो भारत के निर्माण और सेवा सेक्टर के संयुक्त प्रदर्शन को मापता है, सितंबर में 61.9 पर आ गया, जबकि अगस्त में यह 63.2 था। यह आंकड़ा मामूली धीमी वृद्धि को दर्शाता है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में विस्तार की गति अभी भी मजबूत बनी हुई है। पिछले दो साल में यह रीडिंग दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है।

कारखानों का उत्पादन सेवाओं की तुलना में तेजी से बढ़ा, हालांकि दोनों सेक्टरों में वृद्धि की गति थोड़ी धीमी हुई।

HSBC के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग PMI में थोड़ी मंदी आई है, लेकिन इसकी वृद्धि दर अभी भी मजबूत बनी हुई है। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने से अगस्त-सितंबर में नए निर्यात आदेशों में वृद्धि धीमी रही। हालांकि, 2025 की शुरुआत से अमेरिका के लिए निर्यात पहले ही बढ़ा दिया गया था। वहीं, घरेलू नए ऑर्डर पिछले दो महीनों में बढ़े हैं, शायद कम GST दरों की घोषणा के कारण। कुल मिलाकर, उच्च टैरिफ का असर अब तक कम कर दी गई टैक्स दरों ने कुछ हद तक संतुलित कर दिया है।”

First Published - September 23, 2025 | 11:33 AM IST

संबंधित पोस्ट