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मई में UPI लेनदेन ने बनाया नया रिकॉर्ड, ₹30 लाख करोड़ के करीब पहुंची ट्रांजैक्शन वैल्यू

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मई में यूपीआई के जरिए 23.2 अरब लेनदेन दर्ज किए गए, जबकि कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू बढ़कर 29.90 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

Last Updated- June 01, 2026 | 1:30 PM IST
UPI Transactions may 2026
IMPS के लेनदेन की संख्या मई में मामूली घटकर 35.8 करोड़ रह गई, जो अप्रैल में 36.2 करोड़ थी। - प्रतीकात्मक फोटो

UPI Transactions in May 2026: मई में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए होने वाले लेनदेन की संख्या और वैल्यू दोनों ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान लेनदेन की कुल वैल्यू 3 फीसदी बढ़कर 29.90 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अप्रैल में 29.03 लाख करोड़ रुपये था। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, मई में यूपीआई लेनदेन की संख्या भी 4 फीसदी बढ़कर 23.20 अरब हो गई, जो अप्रैल में 22.35 अरब थी। अप्रैल 2016 में यूपीआई की शुरुआत के बाद से यह अब तक का सबसे अधिक लेनदेन वैल्यू और संख्या है।

कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आकाश सिन्हा ने कहा, “असली कहानी स्ट्रकचरल बदलाव की है। आरबीआई की पेमेंट सिस्टम रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई का औसत टिकट साइज 2021 में 1,848 रुपये से घटकर 2025 में 1,313 रुपये रह गया है। यह चिंता की बात नहीं, बल्कि एक परिपक्व होते डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम का संकेत है।”

मई में UPI Transactions में यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है जब अप्रैल में लेनदेन की संख्या 1.3 फीसदी और मूल्य 1.7 फीसदी घटा था। इसकी मुख्य वजह महीने में कम दिनों का होना था। मार्च में वित्त वर्ष के अंत के कारण लेनदेन अपेक्षाकृत अधिक रहे थे। मई में रोजाना यूपीआई लेनदेन बढ़कर 74.8 करोड़ हो गया, जबकि अप्रैल में यह 74.5 करोड़ था।

ये भी पढ़ें… मई में GST कलेक्शन 3.2% बढ़कर ₹1.94 लाख करोड़, घरेलू मांग में मजबूती का असर

सिन्हा ने कहा कि हाई वैल्यू वाले लेनदेन अब तेजी से क्रेडिट कार्ड के जरिए हो रहे हैं। क्रेडिट कार्ड लेनदेन की वैल्यू 2021 के 8.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 23.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, यूपीआई भारत की रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था का प्रमुख भुगतान माध्यम बन चुका है, जिसमें स्थानीय व्यापारियों को भुगतान, परिवहन और क्विक कॉमर्स जैसे लेनदेन शामिल हैं। हर भुगतान माध्यम अपनी स्वाभाविक भूमिका निभा रहा है।

IMPS के लेनदेन में कमी

इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के लेनदेन की संख्या मई में मामूली घटकर 35.8 करोड़ रह गई, जो अप्रैल में 36.2 करोड़ थी। वैल्यू के लिहाज से भी यह 7.01 लाख करोड़ रुपये से घटकर 6.96 लाख करोड़ रुपये रह गया। IMPS के रोजाना लेनदेन की संख्या अप्रैल के 1.208 करोड़ से घटकर मई में 1.155 करोड़ रह गई।

फास्टैग लेनदेन में मई के दौरान 5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। लेनदेन की संख्या 35.8 करोड़ से बढ़कर 37.5 करोड़ हो गई। इसी अवधि में इनका मूल्य भी 4 फीसदी बढ़कर 7,025 करोड़ रुपये से 7,308 करोड़ रुपये हो गया। फास्टैग के दैनिक लेनदेन की संख्या अप्रैल के 1.194 करोड़ से बढ़कर मई में 1.210 करोड़ हो गई।

आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के तहत लेनदेन में गिरावट दर्ज की गई। मई में इसकी संख्या 6 फीसदी घटकर 8.8 करोड़ रह गई, जो अप्रैल में 9.4 करोड़ थी। एईपीएस के लेनदेन का मूल्य भी अप्रैल के 27,640 करोड़ रुपये से घटकर मई में 25,247 करोड़ रुपये रह गया।

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First Published - June 1, 2026 | 1:30 PM IST

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