facebookmetapixel
Advertisement
रेरा के 10 साल बाद भी घर खरीदार बेहाल, 27.6 लाख परिवारों के ₹12.44 लाख करोड़ अटकेHDFC AMC पर जेफरीज और मोतीलाल ओसवाल बुलिश, शेयर में 31% तेजी की उम्मीद; जानिए ग्रोथ के बड़े ट्रिगरटॉप-5 मिड कैप फंड्स ने दिया 19 फीसदी से ज्यादा का सालाना रिटर्न, 5 साल में AUM 266 फीसदी बढ़ा10%, 20% या और अधिक? इंश्योरेंस क्लेम करते वक्त कितना देना पड़ता है ‘को-पेमेंट’, एक्सपर्ट से समझें पूरा मसलाबढ़ती चीनी कीमतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 15 अक्टूबर से पेराई सत्र को दी मंजूरी, कम होंगे दाम?बाजार में आज जमकर हुई बिकवाली! गुरुवार के लिए कैसे हैं संकेत? एक्सपर्ट ने दी ये सलाहम्युचुअल फंड में ज्यादा रिटर्न के पीछे भागना पड़ सकता है भारी, राधिका गुप्ता ने समझाया जोखिमआज लॉन्च होगी iPhone 18 Pro सीरीज व पहला फोल्डेबल आईफोन, जानें संभावित कीमत और कहां देख सकते इवेंटरेलवे इन 5 राज्यों में खर्च करेगा ₹10,783 करोड़, कैबिनेट से 3 बड़े प्रोजेक्ट मंजूरPF का पैसा नहीं कटा? सरकार का नया अभियान देगा राहत, जानें किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ और क्या हैं शर्तें

कुछ ही हफ्तों में होगा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, अंतिम चर्चा के लिए दिल्ली आ रहा अमेरिकी दल: गोर

Advertisement

गोर ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की दल अगले सप्ताह नई दिल्ली आ रहा है ताकि व्यापार के अंतिम एक प्रतिशत' पर चर्चा और अंतिम रूप दिया जा सके

Last Updated- May 29, 2026 | 9:55 PM IST
US Ambassador to India Sergio Gor
भारत में अमेरिका के  राजदूत सर्जियो गोर | फोटो क्रेडिट: PTI

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अगले ‘कुछ हफ्तों और महीनों’ में अंतिम रूप ले लेगा और उस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। यह जानकारी भारत में अमेरिका के  राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को दी।

गोर ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की दल अगले सप्ताह नई दिल्ली आ रहा है ताकि व्यापार के अंतिम एक प्रतिशत’ पर चर्चा और अंतिम रूप दिया जा सके। राजदूत ने यूएस-इंडिया ट्रस्ट इनिशिएटिव में अनुसंधान और नवाचार में साझेदारी को बढ़ावा देने के मुद्दे पर कहा कि अमेरिका और भारत एक-दूसरे के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में बने हुए हैं।

गोर ने कहा, ‘महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यह डिजिटल व्यापार और उन्नत विनिर्माण से लेकर ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों तक, नवाचार, निवेश और उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों द्वारा तेजी से संचालित हो रहा है।’

उन्होंने कहा कि व्यापार में यह वृद्धि न केवल दोनों देशों की बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है, बल्कि स्टार्टअप्स और व्यक्तिगत उद्यमियों की भी मदद कर रही है।

गोर ने कहा कि भारत में विशेष रूप से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों में उच्चतम स्तर पर तकनीकी नवाचार अगले दो, पांच और दस वर्षों में दुनिया के सामने दिखाई देगा। 

उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ नवाचार दुनिया भर के लोगों के लिए जीवन बदलने वाले हो सकते हैं। गोर ने बताया, ‘महत्त्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां वैश्विक शक्ति संतुलन को नया आकार दे रही हैं। मेरा मानना है कि इस दिशा में नेतृत्व करने के लिए हमारे जैसी कोई बेहतर साझेदारी नहीं ।’ 

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी 21वीं सदी की परिभाषित रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए, जो दोनों देशों के लोगों के लिए वास्तविक रूप में लाभ प्रदान करे।

गोर ने कहा कि अमेरिका भारत की क्षमता को समझता है, जो अमेरिका के न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी विकास के कारण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत जैसे उन देशों के साथ ही साझेदारी करना चाहते हैं जिन पर अमेरिका पक्का भरोसा करता है।

Advertisement
First Published - May 29, 2026 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement