सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भारत के प्रथम सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) का परीक्षण संस्करण 14 जुलाई को जारी किया जाएगा। यह सूचकांक 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए अप्रैल के आंकड़ों को ट्रैक करेगा। यह नया उच्च-आवृत्ति संकेतक सेवा क्षेत्र में अल्पकालिक परिवर्तनों को मापेगा। दरअसल, सेवा क्षेत्र भारत के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।
मंत्रालय ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के तर्ज पर तैयार किए जा रहे आईएसपी को मासिक आधार पर लगभग 60 दिनों की देरी के साथ जारी किया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर जारी किए जाने के बाद सूचकांक नियमित रूप से हर महीने की 29 तारीख को प्रकाशित किया जाएगा।
आईएसपी के दायरे से नौ उप-क्षेत्रों को बाहर रखा गया है। इनमें बैंकिंग और बीमा को छोड़कर वित्तीय सेवाएं, लोक प्रशासन और रक्षा, बिना आवास वाली सामाजिक कार्य गतिविधियां, सदस्यता संगठनों की सेवाएं, व्यक्तिगत सेवाएं, निजी घरेलू कर्मचारियों वाली गतिविधियों, एक्सट्रटेरिटोरीअल संगठनों की गतिविधियां, सरकार की स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाएं और जुआ व सट्टेबाजी शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया ‘आईएसपी में कुछ सेवाओं को शामिल नहीं किया गया है।
इसका कारण यह है कि वे या तो मुख्य सरकारी गतिविधियों से संबंधित हैं या इन पर गैर-बाजार गतिविधियों और अनौपचारिक क्षेत्र का प्रभुत्व है।’ परीक्षण सूचकांकों को 2024-25 को आधार वर्ष मानकर संकलित किया जाएगा। यह हाल ही में संशोधित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक श्रृंखला के अनुरूप है और इस सूचकांक का आधार वर्ष 2024 है।
समग्र सूचकांक को सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में क्षेत्रीय शेयरों से प्राप्त भार का उपयोग करके निश्चित-भार वाले लासपेयरेस वॉल्यूम सूचकांक के रूप में संकलित किया जाएगा जैसा राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी में प्रकाशित होता है। आईएसपी तैयार करने के लिए तौर-तरीके तकनीकी परामर्श समिति के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किया गया था। इस समिति का गठन मई, 2025 में किया गया था और इसकी अध्यक्षता नीति आयोग की देवयानी घोष ने की थी।
आईएसपी तीन मुख्य डेटा स्रोतों से जानकारी प्राप्त करेगा : रेलवे, वायु परिवहन, बैंकिंग और बीमा के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड; थोक व खुदरा व्यापार, रियल एस्टेट, दूरसंचार व व्यावसायिक सेवाओं सहित बाजार सेवाओं के बड़े हिस्से के लिए माल और सेवा कर से संबंधित डेटा और स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए शामिल सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश सेवाओं के लिए मूल्य सूचकांक (एसपीपीआई) को अवस्फीतिकर्ता के रूप में प्राथमिकता देते हैं। वे केवल तिमाही आधार पर 60 दिनों की देरी के साथ उपलब्ध हैं, जो उन्हें मासिक सूचकांक के लिए अनुपयुक्त बनाता है। लिहाजा मंत्रालय थोक व्यापार के लिए थोक मूल्य सूचकांक, जहां क्षेत्र-विशिष्ट सीपीआई उपलब्ध हो। बैंकिंग व बीमा के लिए सामान्य सीपीआई और अन्य के लिए गैर-खाद्य सीपीआई का उपयोग करेगा।