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भारत 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:52 PM IST

वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष के बजट में पूंजी व्यय पर जोर से विनिर्माण को गति मिलेगी और कर राजस्व संग्रह बढ़ेगा। इससे भारत 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर रहेगा।
मंत्रालय के अनुसार बीते वित्त वर्ष 2021-22 में कर राजस्व रिकॉर्ड 34 प्रतिशत बढ़कर 27.07 लाख करोड़ रुपये रहा। यह कोविड-19 की तीन लहरों के बाद अर्थव्यवस्था में तीव्र पुनरुद्धार को दर्शाता है।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘केंद्र सरकार का भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने पर जोर है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। यह हाल के वर्षों में देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि में दिखता है। इन उपायों से सरकारी खजाने के लिए राजस्व संग्रह बढ़ा है। साथ ही भारत इससे 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते पर है।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और वैश्विक आर्थिक ताकत बनाने की परिकल्पना की थी। देश का जीडीपी 2021-22 में लगभग 3,000 अरब डॉलर होने का अनुमान है। मंत्रालय ने कहा कि कोविड -19 के कारण जरूर कुछ समय के लिए अर्थव्यवस्था को झटका लगा। लेकिन सरकार ने हाल के वर्षों में बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर को 10 प्रतिशत से ऊपर कायम रखा है। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) देश के जीडीपी को आगे बढ़ाने को लेकर एक बड़ा कदम रहा है। बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में पूंजी व्यय पर जोर के साथ आने वाले वर्षों में घरेलू विनिर्माण में तेजी आएगी और रोजगार बढ़ेगा।    

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First Published - April 14, 2022 | 11:34 PM IST

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