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Last Updated- December 11, 2022 | 5:21 PM IST

अलग अलग सेगमेंटों की दो सूचीबद्ध बीमा कंपनियों एचडीएफसी लाइफ और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। दोनों कंपनियों के वित्तीय नतीजों ने दलाल पथ को निराश किया है।
एचडीएफसी लाइफ का शुद्ध प्रीमियम सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़ा और उसके नए व्यवसाय एवं नवीकरण योजनाओं में 27 प्रतिशत और 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का कर-बाद लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 370 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
37वें महीने में पर्सिस्टेंसी रेशियो सुधरा, लेकिन 61वें महीने के हिसाब से इसमें गिरावट दर्ज की गई। नए व्यवसाय की वैल्यू (वीएनबी) वृद्धि सालाना आधार पर 25 प्रतिशत रही। यह अनुमान के मुकाबले कम थी, लेकिन वीएनबी मार्जिन तिमाही आधार पर 60 आधार अंक तक सुधरकर 26.8 प्रतिशत पर रहा।
सालाना प्रीमियम इक्विलेंट (एपीई) सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 1,900 करोड़ रुपये हो गया। यूलिप और रिटेल टर्म इंश्योरेंस के लिए मांग कमजोर थी, शायद इसकी वजह बाजारों में अस्थिरता थी।  एपीई में, एन्युटी सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़ी, जबकि गैर-पीएआर (नॉन-पार्टिसिपेटिंग) और पीएआर सेगमेंटों में 27 और 22 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया।
एम्बेडेड वैल्यू पर परिचालन प्रतिफल (आरओईवी) पहली तिमाही में 210 आधार अंक बढ़कर 16.5 प्रतिशत हो गया, लेकिन स्वयं एम्बेडेड वैल्यू में कमी दर्ज की गई। एम्बेडेड वैल्यू एक्साइड लाइफ अधिग्रहण के समायोजन के बाद तिमाही आधार पर 1 प्रतिशत घटकर 29,700 करोड़ रुपये रह गई।

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First Published - July 23, 2022 | 2:12 AM IST

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