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GST व्यवस्था में टैक्स रिटर्न को लेकर ‘फेसलेस’ आकलन में अभी लग सकता है कुछ समय: अधिकारी

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‘फेसलेस’ आकलन जांच में टैक्स अधिकारी और करदाता आमने-सामने नहीं आते और इसमें दस्तावेज को भौतिक रूप से पेश करने की भी जरूरत नहीं होती।

Last Updated- November 22, 2023 | 4:01 PM IST
GST

माल एवं सेवा कर (GST) के तहत टैक्स रिटर्न के आकलन को लेकर करदाता और अधिकारी के आमने-सामने आए बिना जांच व्यवस्था शुरू करने में कुछ समय लग सकता है।

जीएसटी नेटवर्क के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। करदाता और कर अधिकारी के आमने-सामने आये बिना (फेसलेस) आकलन की व्यवस्था सबसे पहले आयकर विभाग ने शुरू की थी। बाद में सीमा शुल्क विभाग ने इसे अपनाया।

‘फेसलेस’ आकलन जांच में टैक्स अधिकारी और करदाता आमने-सामने नहीं आते और इसमें दस्तावेज को भौतिक रूप से पेश करने की भी जरूरत नहीं होती।

जीएसटी नेटवर्क के उपाध्यक्ष (सेवा) जगमाल सिंह ने यहां उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हमें जीएसटी में ‘फेसलेस’ आकलन शुरू करने में कुछ समय लग सकता है। जीएसटी आकलन एक विशेष क्षेत्राधिकार अधिकारी या इकाई से जुड़ा हुआ है। इसे बदलने में कुछ समय लग सकता है। इसे प्रभावी बनाने के लिये नीतिगत स्तर पर कुछ बदलावों की भी जरूरत होगी।’’

जीएसटी एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया। इसमें उत्पाद शुल्क, सेवा कर, मूल्यवर्धित कर (वैट) और उपकर सहित 17 स्थानीय शुल्क शामिल किए गए हैं।

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First Published - November 22, 2023 | 4:01 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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