facebookmetapixel
Advertisement
कच्चा तेल $92 के पार, निफ्टी 24,000 के करीब; बाजार पर क्यों बढ़ा दबाव?आतंकवाद के पूरे तंत्र पर निर्णायक कार्रवाई करे SCO, पाकिस्तान पर मोदी का परोक्ष निशानाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील: जरूरी न हो तो नहीं खरीदें सोना, विदेश यात्रा भी टालेंपर्यटन से राहत कार्य तक पहुंचा UPI इंटरनैशनल, नेपाल ने दान के लिए चुना भारतीय माध्यमभारत में AI को नहीं मिल सकता रचयिता का दर्जा, कॉपीराइट कार्यालय ने अर्जी खारिज कीGST कलेक्शन अगस्त में 8.3% बढ़कर ₹1.68 लाख करोड़, आयात से राजस्व में तेज उछालआईटी सेवा कंपनियों ने बढ़ाई भर्तियां, सितंबर में पेशेवरों के लिए 57,000 नौकरियांदोहरी लिस्टिंग की राह आसान करने की तैयारी, सेबी-आईएफएससीए में तेज हुई चर्चाइन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी से निर्माण उपकरण उद्योग ने वृद्धि अनुमान बढ़ायाएचडीएफसी बैंक के आदित्य पुरी की विरासत की बराबरी मुश्किल: शंकर शर्मा 

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी से निर्माण उपकरण उद्योग ने वृद्धि अनुमान बढ़ाया

Advertisement

कुछ राज्य सरकारें भी जो पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर में उतना निवेश नहीं कर रही थीं, अब धीरे-धीरे निवेश बढ़ा रही हैं

Last Updated- September 01, 2026 | 10:30 PM IST
Infrastructure Sector
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय निर्माण उपकरण (सीई) उद्योग ने भारत के कुछ राज्यों में पिछले तीन महीनों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के काम की रफ्तार में सुधार की वजह से वित्त वर्ष 2027 के लिए घरेलू बिक्री वृद्धि के अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं। पहले ये अनुमान लगभग 7 प्रतिशत सालाना थे जिन्हें बढ़ाकर 9 से 12 प्रतिशत सालाना तक कर दिया गया है।

इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईसीईएमए) के अध्यक्ष दीपक शेट्टी ने मंगलवार को कहा, ‘पिछले तीन महीने बहुत अच्छे रहे हैं। उद्योग ने अच्छी वृद्धि की है। कुछ जगहों पर परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का काम शुरू हो गया है। हम यह भी देख रहे हैं कि कुछ राज्य सरकारें भी जो पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर में उतना निवेश नहीं कर रही थीं, अब धीरे-धीरे निवेश बढ़ा रही हैं।’

शेट्टी जेसीबी इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक भी हैं। उन्होंने पिछली 8 मई को भारतीय निर्माण उपकरण उद्योग के लिए वित्त वर्ष 2027 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया था।

मंगलवार को आईसीईएमए के वार्षिक सत्र 2026 के दौरान बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में शेट्टी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वृद्धि का परिदृश्य थोड़ा बेहतर हुआ है। मेरा मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में यह सालाना आधार पर 9-12 प्रतिशत के आसपास होनी चाहिए।’

यह सीई उद्योग के लिए बड़ा बदलाव होगा। भारत में सीई की घरेलू बिक्री वित्त वर्ष 2026 में 6.7 प्रतिशत घटकर 113,229 यूनिट रह गई। इसकी वजह थीं – इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं पर सुस्ती से काम, सख्त उत्सर्जन नियम लागू होने के बाद उपकरणों की कीमतें बढ़ जाना, वित्त का दबाव और पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के कारण कमोडिटी की लागत में इजाफा।

शेट्टी ने कहा कि अगर राज्य सरकारें बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करें, तो इससे मांग को और ज्यादा बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि इसका पूरा असर वित्त वर्ष 2028 में देखने को मिल सकता है।

शेट्टी के अनुसार भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों में पूर्व अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्से शामिल हैं। भारतीय निर्माण उपकरण के निर्यात का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप को जाता है। हालांकि ज्यादा टैरिफ की वजह से अमेरिकी बाजार पर असर पड़ा था।

Advertisement
First Published - September 1, 2026 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement