facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

Cabinet Decisions: ₹12,328 करोड़ की चार रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, कच्छ तक पहुंचेगा रेल नेटवर्क

इन परियोजनाओं से 56 करोड़ लीटर तेल आयात और 360 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। 68 MTPA की अतिरिक्त मालवाहक क्षमता भी बढ़ेगी। 

Last Updated- August 27, 2025 | 7:43 PM IST
cabinet meeting

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे की चार अहम परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग ₹12,328 करोड़ है। इससे देश के पांच राज्यों—गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम—को सीधा लाभ मिलेगा।

कौन-कौन सी परियोजनाएं मिलीं मंजूरी?

  1. देशलपर – हाजीपीर – लूणा और वायोर – लखपत नई रेल लाइन (गुजरात) 
  2. सिकंदराबाद (सनतनगर) – वाडी तीसरी और चौथी लाइन (तेलंगाना और कर्नाटक)
  3. भागलपुर – जमालपुर तीसरी लाइन (बिहार)
  4. फुर्काटिंग – न्यू टिनसुकिया डबलिंग (असम)

गुजरात के सुदूरवर्ती कच्छ क्षेत्र में देशलपर से लखपत तक 145 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे रण ऑफ कच्छ, विश्व धरोहर स्थल धोलावीरा, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लखपत किला सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।

  • कुल लागत: ₹2,526 करोड़ 
  • नई लाइन से जुड़ेंगे 13 रेलवे स्टेशन, 866 गांवों और 16 लाख से अधिक आबादी को होगा लाभ
  • परियोजना की अवधि: 3 वर्ष
  • पर्यटन को बढ़ावा और नमक, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर, बेंटोनाइट जैसे माल की ढुलाई में वृद्धि

तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं—

  • सिकंदराबाद – वाडी (173 किमी, ₹5,012 करोड़, 5 साल) 
  • भागलपुर – जमालपुर (53 किमी, ₹1,156 करोड़, 3 साल)
  • फुर्काटिंग – न्यू टिनसुकिया (194 किमी, ₹3,634 करोड़, 4 साल)
    — से लगभग 47.34 लाख लोगों, 3,108 गांवों और 1 आकांक्षी जिला (कलबुर्गी) को फायदा होगा।

इन परियोजनाओं के ज़रिए रेलवे के नेटवर्क में 565 रूट किलोमीटर का विस्तार होगा। इससे यात्री और मालगाड़ी दोनों की गतिशीलता में वृद्धि, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार और सेवा की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

Also Read | Cabinet Decisions: स्ट्रीट वेंडर्स को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा; मिलेगा अधिक लोन, डिजिटल क्रेडिट कार्ड

इन परियोजनाओं से—

  • 56 करोड़ लीटर तेल आयात में कमी
  • 360 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कमी (जो लगभग 14 करोड़ पेड़ों के रोपण के बराबर है)
    — होने का अनुमान है। यह भारत के जलवायु लक्ष्यों को भी मजबूत करेगा।
  • 68 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की अतिरिक्त मालवाहक क्षमता
  • कोयला, सीमेंट, फ्लाई ऐश, स्टील, खाद, कंटेनर, कृषि उत्पाद, पेट्रोलियम आदि के परिवहन में बढ़ोतरी
  • PM-Gati Shakti Master Plan के तहत ये परियोजनाएं बहु-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को मजबूत करेंगी
  • परियोजनाओं के निर्माण से 251 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोज़गार भी उत्पन्न होगा

कैबिनेट प्रवक्ता ने कहा कि इन रेलवे परियोजनाओं से न केवल परिवहन प्रणाली को मजबूती मिलेगी, बल्कि इससे रोजगार, पर्यटन, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘नए भारत’ के विज़न को मूर्त रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

 

First Published - August 27, 2025 | 7:43 PM IST

संबंधित पोस्ट