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‘पराठों’ पर 18 फीसदी जीएसटी

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:44 PM IST

एडवांस रूलिंग सिस्टम ने एक और आदेश पर मुहर लगाई है। कहा कि पैकेटबंद पराठों पर 18 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा जबकि चपाती पर 5 फीसदी।  गुजरात अपीलीय प्राधिकरण (जीएएएआर) ने वाडीलाल इंडस्ट्रीज की दायर याचिका पर जीएएआर के आदेश को बरकरार रखा है। वाडीलाल इंडस्ट्रीज ने प्रस्तुत किया कि वह मालाबार, मिक्स वेज, सादा सहित आठ किस्मों के पराठों का उत्पादन कर रही है और जब मुख्य रूप से आटा से निर्मित हैं इसलिए इस पर चपाती के समान ही कर लगे। 
कंपनी ने तर्क दिया कि अन्य सामग्री जैसे सब्जियां, प्याज, मेथी आदि सिर्फ स्वाद के उद्देश्य के लिए उपयोग की जाती हैं, लेकिन पराठे की सभी किस्मों की आवश्यक सामग्री एक समान है। हालांकि जीएएआर ने माना कि पराठे उपभोग के लिए तैयार नहीं होते हैं और उन्हें तीन-चार मिनट तक पकाना होता है और वे रोटी के समान भी नहीं होते हैं जो गेहूं के आटे का मुख्य उत्पाद है।  इसलिए, प्राधिकरण ने निर्णय लिया कि पराठे अलग वर्गीकरण में आएंगे और इन पर 18 फीसदी दर से कर लगेगा। 
इससे व्यथित वाडीलाल जीएएएआर के पहुंचा। कंपनी तर्क दिया कि जीएएआर ने गलती की जब उसने देखा कि सादी रोटी को खाने से पहले पकाने की आवश्यकता नहीं होती है। उसने कहा कि सभी पराठा, चपाती और रोटी को खाने योग्य बनाने के लिए गर्म करना आवश्यक होता है। साथ ही इसने कहा कि पिज्जा ब्रेड पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि यह स्पष्ट है कि इसे भी उपभोग से पहले पकाना और गर्म करना होता है। 
 

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First Published - October 13, 2022 | 10:36 PM IST

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