facebookmetapixel
Advertisement
ज्यादा खर्च हो गया? घबराने की जरूरत नहीं, इन आसान तरीकों से फिर पटरी पर लाएं अपनी आर्थिक स्थितिदेश में डॉलर की बंपर आवक! RBI की स्वैप स्कीम से आए $7.28 करोड़, जानें बैंकों पर क्या होगा असरनौकरी छोड़ने के बाद भी EPF खाते पर मिलेगा ब्याज? समझें उम्र व रिटायरमेंट से जुड़ा EPFO का पूरा नियमबिना कमाई वाले छात्रों को भी मिलेगा ₹25 लाख का लाइफ कवर, स्टूडेंट्स के लिए लॉन्च हुआ खास टर्म प्लानशेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! 1 शेयर पर 1 फ्री बोनस शेयर दे रही यह कंपनी; 24 अगस्त तय हुई रिकॉर्ड डेटअगले हफ्ते 50 से अधिक कंपनियां निवेशकों को बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹60 तक कमाने का मौकामानसून में बाढ़ और भूस्खलन से मकान को हुआ नुकसान? समझें होम इंश्योरेंस कैसे बचाएगा आपका पैसाक्या UPI पर नहीं लगेगा कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज? 2017 के कड़े नियम को ढाल बनाने की तैयारी में जुटा RBIदिल्ली में बदला मौसम, बारिश ने दी गर्मी से राहत; कई राज्यों में भारी बौछार का अलर्टविकसित भारत के लिए युवाओं को कौशल और डिजिटल ट्रेनिंग देने पर जोर

13 राज्य कर सकते हैं 7.4 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 1:45 PM IST

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष  में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 13 राज्यों की 7.4 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय करने की क्षमता है। यह वित्त वर्ष 22 में उनके द्वारा खर्च किए गए 4.1 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 81 प्रतिशत ज्यादा है। मूल्यांकन की गई वित्तपोषण क्षमता उनके वित्त वर्ष 2023 के बजट अनुमान 5.8 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 29 प्रतिशत ज्यादा है।
आकलन में बगैर किसी शर्त सकल राज्य घरेलू उत्पाद  के 3.5 प्रतिशत के बराबर उधारी लेने की क्षमता जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। दूसरा, केंद्र द्वारा राज्यों को ब्याज रहित पूंजीगत व्यय ऋण मुहैया कराया गया है। अप्रैल-जुलाई 2022 में 13 राज्यों ने 915 अरब रुपये पूंजीगत व्यय किया है, जो वित्त वर्ष 23 के बजट अनुमान की तुलना में 16 प्रतिशत कम है। शुरुआती महीनों में कम खर्च की वजह से वास्तविक पूंजीगत व्यय प्रभावित होने की संभावना है, जो इस वित्त वर्ष में हासिल किया जा सकता था। आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित 13 में से 8 राज्यों के पास वित्तपोषण के पर्याप्त स्रोत हैं और वे वित्त वर्ष 23 में बजट में अनुमानित पूंजीगत व्यय से ज्यादा खर्च कर सकते हैं।                      

Advertisement
First Published - October 13, 2022 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement