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जायडस को नए उपचार के लिए मंजूरी की दरकार

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:22 AM IST

प्रमुख औषधि कंपनी कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड (जायडस कैडिला) ने अपनी जैविक चिकित्सा के लिए मानव पर तीन चरणों वाले क्लीनिकल परीक्षण के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से मंजूरी मांगी है। कंपनी का कहना है कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल का उपयोग करने वाली चिकित्सा से कोविड के संक्रमण को बेअसर किया जा सकता है। इस प्रकार यह कोविड-19 के हल्के संक्रमण वाले रोगियों के लिए एक प्रमुख उपचार के तौर पर उभर सकता है।
औषधि कंपनी ने आज कहा कि दो सार्स-कोव-1 न्यूट्रिलाइजिंग मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के कॉकटेल वाली उसकी चिकित्सा जेडआरसी-3308 सार्स-कोव-2 स्पाइक प्रोटीन को लक्ष्य करती है। इससे हल्के संक्रमण वाले रोगियों में वायरल लोड और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की दर में उल्लेखनीय गिरावट आती है।
जायडस कैडिला के अनुसार, इस प्रकार के उपचार को अमेरिका, यूरोप और भारत में कोविड-19 के हल्के संक्रमण वाले रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली है। फिलहाल जायडस एकमात्र ऐसी कंपनी है जो कोविड-19 रोगियों के लिए न्यूट्रिलाइजिंग मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल आधारित उपचार विकसित कर रही है।
कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शार्विल पटेल ने कहा, ‘मौजूदा समय में कोविड से निपटने के लिए कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी उपचार तलाशने की बेहद आवश्यकता है। इस बीमारी की विभिन्न चरणों में प्रगति पर गौर करना और विभिन्न विकल्प तलाशने की जरूरत है ताकि रोगियों की परेशानी को कम किया जा सके। हमारा मानना है कि जेडआरसी-3308 में इन चिंताओं को दूर करते हुए सुरक्षित उपचार करने की क्षमता है।’
कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच जायडस का यह उपचार सार्स-कोव-2 के नए वेरिएंट से निपटने में काफी मददगार साबित हो सकता है। दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के कॉकटेल पर आधारित यह उपचार कोविड-19 के नए वेरिएंट से निपटने में बेहतर साबित हो सकता है। इससे पहले जेआरसी-3308 का पशुओं पर परीक्षण किया गया जिसमें काफी अच्छे परिणाम दिखे थे।
कंपनी को 679 करोड़ रु. का लाभ
वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड का शुद्ध लाभ 73.5 फीसदी बढ़कर 679 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बीएसई को दी सूचना में कहा कि उसे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की समान तिमाही में 391.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में कंपनी की शुद्ध आय बढ़कर 3,846.7 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले इसी तिमाही में 3,752.1 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2020-21 (अप्रैल से मार्च) में कैडिला हेल्थकेयर का एकीकृत शुद्ध लाभ बढ़कर 2,133.6 करोड़ रुपये हो गया जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 1,176.6 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान कुल आय 15,102.2 करोड़ रुपये रही जो पिछले वित्त वर्ष के दौरान 14,253.1 करोड़ रुपये थी।    

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First Published - May 27, 2021 | 9:06 PM IST

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