इस साल कपड़ा उद्योग ने 400 अरब डॉलर का ही निर्यात किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 16 फीसदी कम है।
ब्लैकस्टोन के स्वामित्व वाली देश की बड़ी निर्यात कंपनी गोकलदास एक्सपोट्र्स को दूसरी तिमाही में मुद्रा विनिमय दर में गिरावट के कारण मुनाफे में 75 फीसदी कमी आई। इस दौरान कंपनी की बिक्री बढ़ाई है। गोकलदास के प्रबंध निदेशक राजेन्द्र हिंदुजा से रघुवीर बदरीनाथ की निर्यात से जुड़ी मुश्किलों पर बातचीत के अंश:
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंदी का आपके कारोबार पर क्या असर पड़ा है?
हम अपना कारोबार संभालने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि देश भर में कई ऐसे छोटे निर्यातक हैं जिनका कारोबार इस मंदी के कारण ठप हो चुका है। तमिलनाडु में मौजूद कपड़ा उद्योग के लिए तो अपना वजूद बचाए रखना भी मुश्किल हो रहा है।
हमारे जैसे बड़े खिलाड़ियों पर अगले साल की पहली तिमाही में इसका असर दिखाई देगा। खरीदारों की तरफ से आने वाले ऑर्डरों में देरी हो रही है। हाल ही में ‘थैंक्स गिविंग डे’ और क्रिसमस भी हमारे लिए कोई अच्छा कारोबार नहीं लेकर आए।
भविष्य में हमें निर्यात के ऑर्डरों में 25 फीसदी की गिरावट की आशंका है। अगर हम कंबोडिया, वियतनाम और बांग्लादेश से तुलना करे तो वहां श्रमिकों के वेतन पर होने वाला खर्च काफी कम है। इससे अगले साल हमारे लिए मुसीबत हो सकती है।
इस मंदी से निपटने के लिए गोकलदास क्या योजना बना रही है?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदारों और रिटेलरों के साथ हमारे संबध हमें इस मुसीबत से बचा सकते हैं।
हमारा मुनाफा भी इस साल 6 फीसदी रहने का अनुमान है जो पिछले साल 7 फीसदी था। फिलहाल हमने हमारी सभी विस्तार योजनाएं टाल दी हैं।
लेकिन अभी हमने खतरे की घंटी नहीं बजाई है। हम देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहे हैं। देखना है कि साल 2009 की दूसरी छमाही हमारे लिए कैसी रहती है।
कपड़ा उद्योग की कई कंपनियां छंटनी कर रही हैं। क्या आप भी इस बारे में सोच रहे हैं?
कपड़ा उद्योग की छोटी कंपनियों में काम करने वाले लगभग 3 लाख लोग कंपनियां बंद होने के कारण नौकरियों से हाथ धो चुके हैं।
कपड़ा उद्योग से लगभग 50 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। गोकलदास एक्सपोट्र्स में ही लगभग 50,000 लोग कार्यरत हैं और हम कोशिश कर रहे हैं कि हम किसी को भी नौकरी से नहीं निकाले।
वह हमारे लिए आखिरी विकल्प होगा। हम मुनाफे पर समझौता कर सकते हैं लेकिन लोगों को नौकरी से नहीं निकालेंगे।
एक साल पहले ब्लैकस्टोन ने गोकलदास का अधिग्रहण किया था। क्या अब आपको दोनों के कारोबार में समानताएं नजर आ रही हैं?
ब्लैकस्टोन के पास दुनिया भर में कई कंपनियों का नेटवर्क है, जिस पर हम भरोसा कर सकते हैं। हम कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से ब्लैकस्टोन के जरिए बातचीत कर रहे हैं।
लेकिन इस तरह के समझौते होने में समय लगता है। ब्लैकस्टोन के पोर्टफोलियो में अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी समूह है, जो भविष्य में हमारे लिए एक अच्छा ग्राहक साबित हो सकता है।