सत्यम को खरीदने से टेक महिंद्रा को खासे कारोबारी फायदे होंगे। सत्यम की कीमत उसे मिले ठेकों और कर्मचारियों की दक्षता की वजह से है।
उसके पास कमाई के अच्छे साधन हैं, जिसकी वजह से टेक महिंद्रा को इसे खरीदना फायदे का सौदा लगा। इस मामले से जुड़े सूत्रों की मानें, तो कंपनी को 130 करोड़ से 140 करोड़ डॉलर की कमाई वाले ठेके हासिल हैं।
टेक महिंद्रा की तूती दूरसंचार में बोलती है और वह भी यूरोप में। इसके उलट सत्यम का अमेरिका में बोलबाला है। सत्यम के कर्मचारियों की संख्या भी तकरीबन 48,000 है। इसके अलावा सत्यम के पास ईआरपी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अच्छी महारत है।
टेक महिंद्रा कुल 58 करोड़ डॉलर इस सौदे में खर्च कर रही है और उसे 140 करोड़ डॉलर कमाई वाली कंपनी हासिल हो रही है। यानी सौदा खराब नहीं है। जहां तक कानूनी कार्यवाही में सत्यम पर आर्थिक मार का सवाल है, तो उसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। अमेरिका में 13 मुकदमों में कंपनी को 12.5 करोड़ से 15 करोड़ डॉलर की चोट लग सकती है।
‘सरकार की ओर से चुने गए सत्यम बोर्ड ने इस कंपनी पर छाए अनिश्चितता के बादल इतनी जल्दी छांट दिए, यह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। सरकार ने इस मसले पर जल्दी और जिम्मेदारी के साथ काम किया। कुल मिलाकर यह अच्छा है कि यह मसला अब पूरी तरह से खत्म हो रहा है।’
एस गोपालकृष्णन
सीईओ, इन्फोसिस टेक्नोलॉजिज
‘हमारा परिवार यह देखकर बहुत खुश है कि सत्यम को ठोस जमीन मिल गई।’
नंदिनी राजू
सत्यम संस्थापक बी रामलिंग राजू की पत्नी