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‘हमें चाहिए 300 करोड़ रुपये’

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Last Updated- December 09, 2022 | 11:35 PM IST

आईआईटी मद्रास और आईआईएम अहमदाबाद के एलुमिनी रह चुके आर. सुब्रमण्यन (43) का रिटेल ऑपरेशन सुभिक्षा पिछले 11 सालों से चल रहा है, लेकिन अब आगे का सफर काफी कठिन नजर आ रहा है।


उनसे की गई बातचीत के प्रमुख अंश:

क्या सुभिक्षा बंद होने जा रहा है?

नहीं। हमलोग संकट में जरूर हैं, लेकिन सुभिक्षा को बंद करने की कोई योजना नहीं है। हमने तेजी से विस्तार किया है और हमारे 1600 स्टोर काम कर रहे हैं। 4000 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर हुआ है।

कंपनी ने इस साल इक्विटी जुटाने की कोशिश की है , ताकि मौजूदा आर्थिक संकट से लड़ा जा सके। अगर हमारे पास रकम नहीं होगी, तो हम कारोबार नहीं कर सकेंगे। इसी वजह से हमलोगों ने नई खरीदारी का कोई ऑर्डर नहीं दिया है और अक्टूबर से सब कुछ थम सा गया है।

इस तरह की समस्या के आप कब से जूझ रहे हैं?

पिछले साल जून तक हमारी पहचान बाजार में अच्छी बनी रही,भुगतान में कोई दिक्कत नहीं आई। तेजी से विस्तार और फंडिंग की वजह से मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई।

अगस्त तक बकाए का भुगतान किया गया। लेकिन जैसे ही आर्थिक संकट का दौर शुरू हुआ, तो इक्विटी जुटाने की योजना पर एक बड़ा धक्का लगा।

क्या यह बिजनेस मॉडल असफल हो गया?

यह कहना गलत होगा। हम ही 1000 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली रिटेल कंपनी हैं। हमलोगों ने मोबाइल की खुदरा बिक्री को नया आयाम दिया है। हमने सबसे बड़े सुपर मार्केट श्रृंखला का निर्माण किया है और इसे लंबे समय तक लाभ में चलाया है।

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First Published - January 30, 2009 | 11:25 PM IST

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