facebookmetapixel
Advertisement
भारत-अमेरिका को मतभेद दूर कर भरोसेमंद कर व्यवस्था बनाने पर काम करना चाहिए: सर्जियो गोरभारतीय चुनाव व्यवस्था की तारीफ कर बोले ट्रंप, कांग्रेस ने कहा- ईवीएम भी अमेरिका भेज देंगेब्रिक्स देशों ने पर्यावरण संरक्षण पर चार ज्ञान संकलन जारी किए, टिकाऊ विकास पर जोरदुबई का कमर्शियल रियल एस्टेट बाजार मजबूत, पहली छमाही में लेनदेन 8.5% बढ़ाबाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया के ‘सेफ हार्बर’ प्रावधान पर साफ संदेश17 सितंबर से सेमीकॉन इंडिया 2026, वैश्विक सीईओ और 500 से ज्यादा प्रदर्शक करेंगे ​शिरकत 13-17 साल के किशोरों के लिए नया चैटजीपीटी, मजबूत सुरक्षा और पैरेंटल कंट्रोल की सुविधालाठीचार्ज और पुलिस हिंसा की जांच करेगी 3 सदस्यीय समिति, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देशपायलटों की आकस्मिक ड्रग जांच 25% करने की मांग, डीजीसीए से एफआईपी की अपीलभारत के समुद्री व्यापार का नया गेटवे बना विझिंजम, 57 लाख टीईयू क्षमता की ओर बढ़ा बंदरगाह

उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर टीका फर्मों का जोर

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 5:42 AM IST

केंद्र सरकार के 18 साल से अधिक उम्र के हरेक व्यक्ति को कोविड-19 टीका लगवाने की मंजूरी देने से टीका विनिर्माता कंपनियों के लिए बड़ा बाजार खुल
गया है, इसलिए कंपनियों ने पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्षमता बढ़ाने की योजनाओं की तैयारी कर ली है।
भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट, जाइडस कैडिला जैसी सभी प्रमुख विनिर्माता कंपनियां कोविड-19 टीकों की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं। हालांकि कुछ विनिर्माताओं के लिए कच्चे माल की उपलब्धता चुनौती बनी रहेगी, लेकिन अन्य ने घरेलू बाजार से कच्चा माल खरीदना शुरू कर दिया है।
भारत बायोटेक सालाना 70 करोड़ खुराक की उत्पादन क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट अपनी मासिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 20 करोड़ खुराक कर सकती है। जाइडस कैडिला अपनी सालाना क्षमता बढ़ाकर 24 करोड़ खुराक करने पर काम कर रही है।
हैदराबाद की टीका विनिर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने मंगलवार को कहा कि क्षमता बढ़ाने की योजना हैदराबाद और बेंगलूरु के विभिन्न संयंत्रों में लागू कर दी गई है ताकि सालाना 70 करोड़ खुराक उत्पादन क्षमता हासिल की जा सके। कंपनी ने दावा किया कि यह निष्क्रिय वायरल टीकों के लिए दुनिया भर में सबसे बड़ी उत्पादन क्षमताओं में से एक होगी।
भारत बायोटेक ने क्षमता में बढ़ोतरी के लिए इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स के साथ साझेदारी की है। इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स कोवैक्सीन के लिए कच्चे माल (बल्क ड्रग) का उत्पादन करेगी। इस साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। सूत्रों ने पहले संकेत दिया था कि भारत बायोटेक को अमेरिका से एडजुवेंट (किसी टीके की प्रतिरोधी क्षमता को सुधारने वाला रसायन) खरीदने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से कंपनी ने स्वदेशी एडजुवेंट बनाने के लिए सीएसआईआर के साथ काम करना शुरू किया था।
दुनिया की सबसे बड़ी टीका विनिर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) पहले ही अपन टीके कोविशील्ड की उत्पादन क्षमता मई-जून तक बढ़ाकर 10 करोड़ खुराक प्रति माह करने की दिशा में काम कर रही है। इस समय कंपनी हर महीने 6 से 7 करोड़ खुराकों का उत्पादन कर रही है। इसके साथ ही एसआईआई हर महीने कोवैक्स (नोवावैक्स का टीका) की पांच करोड़ खुराकों का उत्पादन करेगी। इससे कंपनी की मासिक टीका उत्पादन क्षमता 15 करोड़ खुराक हो जाएगी।
जाइडस कैडिला अपने नोवेल डीएनए-प्लाजमिड कोविड19 टीके के तीसरे चरण के परीक्षण को पूरा करने के नजदीक है।

Advertisement
First Published - April 20, 2021 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement