मंदी की मार अब रियल्टी परियोजनाओं पर भी दिखने लगी है।
देश की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक की ओर से बनाई जाने वाली छह आईटी सेज परियोजनाओं के पूरा होने में कम से कम तीन साल की देरी होने की आशंका है।
सूत्रों का कहना है कि मंदी और सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने में हुई देरी की वजह से ये परियोजनाएं तय समय पर पूरा नहीं हो पाएंगी।
इन परियोजनाओं में यूनिटेक कॉर्पोरेट पार्क्स की 60 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि इसके तहत देश में करीब 16 लाख वर्गफुट क्षेत्र का विकास किया जाना प्रस्तावित है।
कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि बजार की स्थिति को देखते हुए कोई भी रियल्टी कंपनी इन सेज परियोजनओं में पैसा लगाने को तैयार नहीं है।
ऐसे में कंपनी तभी इन परियोजनाओं में तेजी लाएगी, जब इसकी मांग बढ़ेगी। गुड़गांव में प्रस्तावित यूनिटेक की आईटी सेज परियोजना के पूरा होने में कम से कम 23 महीने की देरी हो सकती है, जबकि ग्रेटर नोएडा के एन 3 परियोजना के तय समय से करीब 33 महीने देरी से पूरा होने की आशंका है।
इस बारे में जब कंपनी से संपर्क किया गया, तो उसके एक प्रवक्ता ने भी परियोजना के पूरा होने में देरी की बात को स्वीकार किया।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं को सरकार से पिछले साल के अंत में या फिर इस साल की शुरुआत में मंजूरी मिली, जिससे भी इसके समय पर पूरा होने में संदेह है।
उल्लेखनीय है कि यूनिटेक कॉर्पोरेट पार्क्स ने एआईएम के तहत दिसंबर 2006 में इन परियोजनाओं के लिए बाजार से 36 करोड़ पाउंड प्राप्त किया, जबकि कंपनी इन सेज परियोजनाओं में अब तक 31.7 करोड़ पाउंड का निवेश कर चुकी है।
कंपनी के प्रवक्ता ने इन परियोजनाओं के पूरा होने के समय के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर बताया कि सभी परियोजना स्थलों पर काम चल रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि सरकार की ओर से सितंबर 2008 तक 260 आई सेज परियोजनाओं को चिन्हित किया गया था, जिसके तहत अगले दो साल में 65 लाख वर्गफुट अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने की योजना थी।
लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनियों की ओर से मांग में आई गिरावट को देखते हुए अब लक्ष्य बदला जा रहा है।