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जोखिम से बचने के लिए हमने पोर्टफोलियो में नकदी बढ़ाई

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:26 PM IST

बीएस बातचीत
हालांकि यूरोप में बढ़ती सख्ती और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का लंबित परिणाम बाजारों को अस्थिर बनाए रखेगा, लेकिन वेलेंटिस एडवायजर्स के संस्थापक ज्‍योतिरावर्द्धन जयपुरिया ने पुनीत वाधवा के साथ बातचीत में कहा कि बाजार वित्त वर्ष की दूसरी छमाही और उसके बाद के वर्ष में सकारात्मक बदलाव दर्ज करेंगे। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
क्या वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में बाजार नेतृत्व रिलायंस इंडस्ट्रीज, फार्मा और आईटी जैसे शेयरों से बदलकर चक्रीयता वाले क्षेत्रों की ओर झुका है?
दो घटनाक्रम अल्पावधि धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें पहला, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता है। दूसरा, यूरोप में कोरोनावायरस की नई लहर, जहां दैनिक मामले बड़े अंतर से पहले दौर के आंकड़ों को पार कर गए हैं। हालांकि इन थोड़े बहुत अल्पावधि जोखिमों की वजह से बाजार वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही और उसके बाद के वर्ष में सकारात्मक प्रतिफल दर्ज करेगा। दुनिया सामाय स्थिति में धीरे धीरे ही लौट पाएगी, क्योंकि इस महामारी के उपचार का टीका इस साल के अंत या अगले साल के शुरू में ही संभव है। इससे शेयर बाजार में सेक्टर दबदबे में बदलाव को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि हम लॉकडाउन के दांव से आगे निकल कर अब अनलॉकिंग दांव की ओर बढ़ रहे हैं।

क्या रिस्क-रिवार्ड इन स्तरों पर अनुकूल बना हुआ है?
बाजार में मार्च जैसे अवसर हरेक 8-10 साल में आते हैं, जिसमें आप बड़ा प्रतिफल कमा सकते हैं। मुख्य रूप से, कुछ ही लोग अपनी पूंजी का बड़ा हिस्सा ऐसे समय में इक्विटी में लगाते हैं। मौजूदा स्तरों से, हमें गिरावट आने का अनुमान है और हम निवेशकों को इस गिरावट का इस्तेमाल मध्यावधि के नजरिये से खरीदारी के लिए करने का सुझाव दे रहे हैं। पिछले सात महीनों के दौरान बड़ी तेजी को देखते हुए उतार-चढ़ाव का स्तर उचित रहेगा और शेयर प्रतिफल आय वृद्घि पर केंद्रित होगा। शेयर बाजार में निवेशक दो अंक के प्रतिफल की उम्मीद कर सकते हैं।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट पर आपका क्या नजरिया है?
मिड-कैप और स्मॉल-कैप अगले 18 महीनों के दौरान लार्ज-कैप के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेंगे। पिछले तीन वर्षों के दौरान, निफ्टी 14 प्रतिशत तक चढ़ा है, जबकि निफ्टी स्मॉल-कैप सूचकांक में 28 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं स्मॉल-कैप और मिड-कैप लार्ज-कैज के मुकाबले 5-15 प्रतिशत के कम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं।

कॉरपोरेट आय पर आपका क्या नजरिया है?
सितंबर 2020 तिमाही में तिमाही मुनाफा वृद्घि काफी मजबूत होगी। तिमाही में सालाना आधार पर, बिक्री एवं लाभ में में एक अंक की गिरावट आएगी। धीरे धीरे हरेक तिमाही में सुधार आएगा। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), फार्मा, सीमेंट और वाहन क्षेत्रों का प्रदर्शन शानदार रहेगा, वहीं वित्त और ऊर्जा क्षेत्रों को संघर्ष करना पड़ेगा।

पिछली बार, हमने जून में बात क थी, जब आप अपने पोर्टफोलियो में नकदी बरकरार रखे हुए थे। अब इसे लेकर क्या स्थिति है?
हमने दो प्रमुख जोखिमों से बचने के लिए अपने पोर्टफोलियो में नकदी बढ़ाई है। पहला है यूरोप और ब्रिटेन में कोरोनावायरस मामलों में तेजी आना। दूसरा है अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, जिसमें चिंता इसे लेकर ज्यादा नहीं है कि कौन सी पार्टी सत्ता में आएगी, बल्कि इसे लेकर है कि क्या हम सत्ता का आसान परिवर्तन देखेंगे। क्षेत्र के नजरिये से, हमने कुछ मुनाफावसूली की है।

कृषि जिंसों और स्पेशियल्टी केमिकल पर आपका क्या नजरिया है? क्या इन क्षेत्रों में वृद्घि की रफ्तार बनी हुई है?
हम स्पेशियल्टी केमिकल्स स्पेस को पसंद कर रहे हैं और इसे कई वर्षों तक वृद्घि के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि भारत एक वैकल्पिक निर्माण हब के तौर पर उभर रहा है। निवेशकों के लिए एकमात्र चेतावनी यह है कि इस क्षेत्र में रेटिंग में बदलाव अब पीछे छूट चुका है। अब शेयर प्रतिफल इस क्षेत्र में कंपनियों की आय वृद्घि पर निर्भर करेगा।

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First Published - October 19, 2020 | 11:45 PM IST

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