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देश में होगा बड़ा विदेशी निवेश

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:40 PM IST

भारत में काम कर रही अधिकतर बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) का अनुमान है कि देश की अर्थव्यवस्था अगले 3 से 5 वर्षों तक अच्छा प्रदर्शन करेगी। एक सर्वेक्षण के अनुसार घरेलू खपत, सेवाओं, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में मजबूत गति के कारण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
 भारतीय उद्योग एवं परामर्श फर्म ईवाई और सीआईआई की संयुक्त तैयार रिपोर्ट  ‘विजन विकसित भारत – एमएनसी के लिए अवसर तथा अपेक्षाएं’ में यह कहा गया है कि 71 फीसदी एमएनसी ने अपने वैश्विक विस्तार के लिए भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य माना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘भारत सुधार और आर्थिक वृद्धि पर ध्यान देकर अगले पांच वर्षों में 475 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई पाने का अवसर तैयार कर सकता है।’ भारत में पिछले दशक में एफडीआई में लगातार वृद्धि देखी गई है। निवेश पर महामारी और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के प्रभाव के बावजूद वित्त वर्ष 2021-22 में 84.8 अरब डॉलर की रिकॉर्ड एफडीआई आक​र्षित हुआ।’
 रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतर एमएनसी को यह विश्वास है कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले 3-5 वर्षों तक बेहतर प्रदर्शन करेगी। 96 प्रतिशत ने भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में सकारात्मक रुख दिखाया है। एमएनसी के ​इस विश्वास का कारण मजबूत खपत, सेवा, डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित बुनियादी ढांचे में मजबूत गति और विनिर्माण क्षेत्र में सरकार का महत्वपूर्ण रूप से ध्यान बताया गया है। 

ईवाई इंडिया के पार्टनर (कर एवं नियामक सेवाएं) सुधीर कपाड़िया ने कहा, ‘भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एक उभरते हुए विनिर्माण केंद्र, बढ़ते उपभोक्ता बाजार और सरकारी तथा निजी क्षेत्रों के डिजिटल परिवर्तन में एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जा रहा है।’
 सीआईआई के महानिदेशक, चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और नए भू-राजनीतिक मुद्दों के सामने आने वाली विकास चुनौतियों के बीच इस बात की खुशी है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य मानती हैं और विस्तार की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि सरकार द्वारा निरंतर सुधार की गति बहुराष्ट्रीय कंपनियों से निवेश की बढ़ती मात्रा को आकर्षित करेगी और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला में उनके बड़े एकीकरण की सुविधा प्रदान करेगी। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 60 फीसदी से ज्यादा एमएनसी ने पिछले तीन वर्षों में अपने व्यापार मॉडल में सुधार किया है। इसने जीएसटी की सराहना की है। इसमें कहा गया है कि कई क्षेत्रों में सरकार की डिजिटल पेशकश और कर व्यवस्था में पारदर्शिता भी कई सुधारों में शामिल हैं।
 रिपोर्ट के अनुसार अधिक व्यावसायिक सुधार के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियां अन्य उपायों के साथ अनुमोदन / मंजूरी के लिए नैशनल सिंगल विंडो की प्रभावशीलता, अधिक कर निश्चितता, और मजबूत अनुबंध प्रवर्तन तंत्र की सुविधा चाहती हैं। 

सर्वेक्षण में कहा गया कि एमएनसी को सरकार से उम्मीद है कि वह कारोबारी सुगमता को जारी रखे, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करे, मुक्त व्यापार समझौते शीघ्रता से किए जाएं तथा जीएसटी में जरूरी सुधार हों।

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First Published - October 16, 2022 | 10:42 PM IST

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