facebookmetapixel
Advertisement
1 अगस्त से बदल जाएंगे शेयर बायबैक के नियम, निवेशकों के लिए क्या होगा असर?IMD के अनुमान के बाद एंटीक की रिपोर्ट, कमजोर मानसून से GDP 1.2% तक घट सकती हैIPO Listing Today: SME IPO का सुपर मंगलवार! 6 नई लिस्टिंग, किसी ने दोगुना कराया पैसा तो कोई हुआ फेलब्रह्मोस, UPI, IIM और सबांग पोर्ट… भारत-इंडोनेशिया के बीच हुए कई अहम समझौतेTeja Engineering IPO Listing: 90% प्रीमियम पर हुई एंट्री, फिर लगा अपर सर्किट! इश्यू ने पहले ही दिन निवेशकों को किया मालामालटाटा ग्रुप के इस शेयर में मचा हड़कंप! Q1 अपडेट के बाद 11% तक टूटा Trent, निवेशकों को बड़ा झटकाOFS शुरू होते ही फिसला Cochin Shipyard का शेयर, 4% से ज्यादा की गिरावटचीनी कंपनियों को मिली एंट्री, क्या भारतीय Power Transmission कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन?ट्रंप ने फिर दी ईरान को चेतावनी, बोले समझौता करो, वरना ‘काम पूरा करेंगे’जुलाई से सितंबर तक 53 कंपनियों के करोड़ों शेयर होंगे अनलॉक, निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

टीडीसैट से आरकॉम को हरी झंडी

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 10:27 PM IST

दूरसंचार ट्रिब्यूनल टीडीसैट ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस को सरकार द्वारा पूरे देश में मोबाइल सेवा पेश करने के लिए दोहरी प्रौद्योगिकी (सीडीएमए और जीएसएम) अपनाने की अनुमति देने के सरकार के निर्णय को वैध करार दिया है।
सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जीएसएम मोबाइल सेवा कंपनियों के मंच सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका की सुनवाई करते हुए दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय ट्रिब्यूनल (टीडीसैट) ने यह भी कहा कि जीएसएम कंपनियों को 6.2 मेगाहट्र्ज से ज्यादा स्पेक्ट्रम हासिल करने का अधिकार नहीं है।
ट्रिब्यूनल ने ट्राई पर भी निशाना साधा, जिसने अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए उपभोक्ता संबधी मापदंडों को अपनाने की सिफारिश की थी।

Advertisement
First Published - March 31, 2009 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement