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नासिक विवाद पर TCS का बड़ा बयान: POSH चैनलों पर नहीं मिली कोई शिकायत, फिर भी शुरू हुई हाई-लेवल जांच

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TCS ने नासिक विवाद में POSH चैनलों पर शिकायत से इनकार किया, लेकिन स्वतंत्र और बोर्ड-स्तरीय जांच शुरू कर दी है।

Last Updated- April 18, 2026 | 9:52 AM IST
TCS
Representative image

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने शुक्रवार को कहा कि शुरुआती जांच में उसकी नाशिक इकाई से जुड़े आरोपों के संबंध में उसके नैतिकता या पीओएसएच (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) संबंधित चैनलों पर कोई शिकायत नहीं मिली है, हालांकि उसने एक स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है और बोर्ड-स्तरीय निगरानी भी आरंभ की है।

टीसीएस के सीईओ और एमडी के कृत्तिवासन ने एक बयान में कहा, ‘हालांकि विस्तृत जांच अभी भी चल रही हैं, नासिक इकाई से संबंधित प्रणालियों और रिकॉर्डों की प्रारंभिक समीक्षा से पता चला है कि हमें हमारे पीओएसएच चैनलों पर ऐसी किसी भी तरह की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई हैं जिनका आरोप लगाया जा रहा है।’

इस बीच, कंपनी ने कहा कि उसने डेलॉयट और ट्राइलीगल के बाहरी विशेषज्ञों को टीसीएस की अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्त्व वाली आंतरिक जांच के लिए स्वतंत्र वकील के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया है।

इसके साथ ही, टीसीएस ने एक निगरानी समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री करेंगे। जांच के निष्कर्षों को समीक्षा और सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए इस समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।

नाशिक घटना के बारे में और जानकारी देते हुए कृतिवासन ने बताया कि निदा खान (जिनका नाम इस मामले से जुड़ा है) एचआर मैनेजर नहीं थीं और भर्ती प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। बयान में कहा गया, ‘उन्हें एक प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर नियुक्त किया गया था और उन पर कोई नेतृत्व संबंधित जिम्मेदारी नहीं थी।’

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First Published - April 18, 2026 | 9:52 AM IST

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