देश की तीसरी सबसे बड़ी इस्पात कंपनी टाटा स्टील भी लाइबीरिया में 1.5 अरब डॉलर के लौह अयस्क भंडार को खरीदने की दौड़ में शामिल होगी।
यह भंडार लाइबेरिया के पश्चिमी भाग में है। टाटा स्टील के एक प्रवक्ता ने बताया कि लाइबीरियाई सरकार ने कंपनी को इस लौह अयस्क भंडार को खरीदने के लिए बोली में शामिल होने का न्यौता दिया है।
इसके पहले सितंबर 2008 में टाटा स्टील को एक लाइबीरियाई लौह अयस्क भंडार के लिए बोली लगाने से यह कहते हुए वंचित कर दिया था कि उन्होंने मापदंडों का उल्लंघन किया है। बाद में यह भंडार डेल्टा माइनिंग कंसोलिडेटेड को सौंप दिया गया था।
हालांकि लाइबीरियाई सरकार के इस फैसले की सभी ने काफी आलोचना की थी। दरअसल पिछली दफा खरीदारी की दौड़ में टाटा स्टील सबसे आगे थी।
अंतरराष्ट्रीय सलाहकार डेलोएट ऐंड टच ने भी लाइबीरियाई सरकार को दी रिपोर्ट में तकनीकी, वित्तीय और सामाजिक प्रतिबद्धता के मामले में सबसे पसंदीदा बताया था।
टाटा स्टील की रणनीति कच्चे माल की सुरक्षा पर ध्यान देने की है और पश्चिमी इलाके के इस लौह अयस्क भंडार को खरीदने की दौड़ में शामिल होना कंपनी की इसी रणनीति के अनुकूल दिखती है।
टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक बी मुथुरामन ने कहा था कि कंपनी संपत्तियों के अधिग्रहण के जरिये कच्चे माल की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।