टाटा संस की सहायक इकाई टाटा रियल्टी ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (टीआरआईएल) ने कोष जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भेजी जानकारी में कहा है कि उसने हाल में शुरू की गईं दो सड़क एवं धर्मशाला रोपवे परियोजनाएं बेचकर यह पूंजी जुटाने की योजना तैयार की है। गैर-सूचीबद्ध रियल एस्टेट एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास कंपनी पुणे मेट्रो रेल परियोजना समेत अपनी नई परियोजनाओं के लिए 6,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना बना रही है।
टीआरआईएल ने पुणे-सोलापुर मार्ग, हम्पी एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के उदयपुर-चित्तौड़गढ़ खंड पर कई प्रमुख सड़क परियोजनाएं तैयार की हैं। इसके अलावा कंपनी ने गुड़गांव, कोच्चि और नागपुर में कई आवासीय परियोजनाएं और गुड़गांव में विभिन्न वाणिज्यिक आवासीय परियोजनाएं तैयार की हैं। कंपनी ने परियोजनाओं के मूल्यांकन के बारे में जानकारी नहीं दी है।
टाटा समूह कोष जुटाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं बेचने वाली अन्य कंपनियों की राह पर चल रहा है। इस साल अगस्त में मैक्वेरी एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड ने अपनी सड़क परियोजनाएं अदाणी एंटरप्राइजेज की सहायक इकाई अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट (एआरटीएल) को 3,110 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्यांकन पर बेची थीं। अगस्त में ही, नैशनल इन्वेस्टमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड ने शापूरजी पालोंजी ग्रुप के एसपी जम्मू उधमपुर हाईवे में 100 पतिशत इक्विटी हिस्सेदारी 2,291 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
जून में, इंडइन्फ्राविट ट्रस्ट ने ब्रुकफील्ड के फंडों से पांच चालू सड़क परियोजनाओं की संपूर्ण इक्विटी शेयरधारिता करीब 9,498 करोड़ रुपये में खरीदने पर सहमति जताई थी। समान महीने में, इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में प्रख्यात वैश्विक निवेशक ऐक्टिस ने वेलस्पन एंटरप्राइजेज से 6,000 करोड़ रुपये में 6 चालू राजमार्ग टोल सड़क परियेाजनाएं खरीदी थीं। बैंकरों का कहना है कि कई अन्य कंपनियां कर्ज चुकाने के साथ साथ नई परियोजनाओं के लिए नकदी जुटाने के लिए अपनी सड़क परियोजनाएं बेचने पर जोर दे रही हैं।
इस साल मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष में टाटा रियल्टी ने 83.3 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी ने इस साल 30 जून तक अपनी उधारी सीमा का 4,220 करोड़ रुपये हिस्सा हासिल किया है। कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि जब कंपनी को 14 सितंबर की बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी मिल जाएगी तो वह गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के जरिये कोष जुटाने की योजना पर आगे बढ़ेगी। टाटा रियल्टी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की बिक्री या मूल्यांकन के बारे में कोई बयान नहीं दिया है।
रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए परिदृश्य पर कंपनी ने कहा है कि ऐसे संकेत दिखे हैं कि सरकार द्वारा, खासकर पर्वतमाला पहल के तहत रोपवे और बड़ी निवेश जरूरतों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्वर विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। टाटा रियल्टी ने अपनी मौजूदा परियोजनाएं पूरी करने पर जोर दिया है और साथ ही अपनी चालू परियोजनाओं की बिक्री कर कोष उगाही पर भी ध्यान दिया है।
कंपनी ने कहा है कि समेकित आधार पर उसका परिचालन कोविड के बाद सुधरा है।