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तीन साल में पूरा कर्ज पाटेगी टाटा मोटर्स!

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:01 AM IST

टाटा मोटर्स समूह ने अपना संचयी शुद्घ ऑटोमोटिव कर्ज (कंपनी के वाहन वित्त कारोबार को छोड़कर) अगले तीन साल में शून्य के करीब लाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज टाटा मोटर्स की 75वीं सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को इसकी जानकारी दी।
चंद्रशेखरन ने कहा कि वर्तमान में टाटा मोटर्स समूह का शुद्घ ऑटोमोटिव कर्ज 48,000 करोड़ रुपये का है। इसे शून्य के करीब लाने के लिए तीन साल का लक्ष्य रखा गया है। ब्रांड पोर्टफोलियो को आकर्षक बनाना और बिक्री बढ़ाना भी कंपनी की प्राथमिकता में शामिल है।
कैपिटालाइन और प्रोवेसेस के आंकड़ों के अनुसार 2019-20 के अंत में टाटा मोटर्स का कर्ज इक्विटी अनुपात 0.87 था, जो किसी भी दशक में सर्वाधिक था।
कंपनी पर नजर रखने वाले विश्लेषकों ने कहा, ‘यह बड़ा लक्ष्य है और टाटा मोटर्स द्वारा ब्रिटेन की इकाई जगुआर लैंड रोवर में हिस्सेदारी बेचे बिना ऐसा करना संभव नहीं होगा। दूसरा विकल्प यह है कि टाटा संस की ओर से कंपनी में भारी भरकम इक्विटी निवेश किया जाए।’
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में विश्लेषक आदित्य मखारिया ने कहा, ‘लागत घटाने और पूंजी निवेश के लिहाज से कंपनी सही दिशा में है। अगर कोविड का टीका मिल जाता है और स्थिति में सुधार होती है तो कंपनी की बैलेंस शीट काफी बेहतर हो जाएगी।’ उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स का मार्जिन 15 से 18 फीसदी के दायरे में था। उन्होंने उम्मीद जताई कि लॉकडाउन हटाने के बाद आर्थिक गतिविधियों में सुधार होने से वाहन क्षेत्र को भी बल मिलेगा।
चंद्रशेखरन ने कहा कि कर्ज घटाना कंपनी की पांच शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है, क्योंकि पिछले पांच साल के दौरान घरेलू और ब्रिटेन की इकाई के कारोबार में नरमी से शेयरधारकों की संपत्ति में खासी कमी आई है। घाटे के कारण टाटा मोटर्स लगातार चार साल से शेयरधारकों को लाभांश भी नहीं दे पा रही है।
एक विश्लेषक ने कहा, ‘दो साल में जेएलआर और घरेलू परिचालन से जुटाई गई नकदी कर्ज को चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। अगर वह यात्री वाहन कारोबार में हिस्सा नहीं बेचती है तो ऐसा करना कठिन होगा। परिचालन और हिस्सा बेचने से कंपनी 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है।’
चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी कर्ज घटाने का कदम उठा रही है। इसके तहत वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का नकद प्रवाह सकारात्मक बनाना है। उन्होंने कहा कि टाटा समूह गैर-मुख्य कारोबार में अपने निवेश को बेचने की भी संभावना तलाशेगी। चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल निवेश 50 फीसदी तक घटा है। आगे भी इस पर ध्यान दिया जाएगा। अगले दो से तीन साल में टाटा मोटर्स बिक्री और सर्विस बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

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First Published - August 25, 2020 | 10:58 PM IST

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