उच्चतम न्यायालय ने गुटखा बनाने वाली कंपनी धारीवाल टोबैको प्रोडक्ट्स को मिलावट मामले में राहत दी है। उच्चतम न्यायालय ने बंबई उच्च न्यायालय को निर्देश दिया है कि वह कंपनी के मिलावट संबंधी मामले की सुनवाई दोबारा करे।
कंपनी ने बंबई उच्च न्यायालय में अपील की थी कि मिलावट के मामले में आपराधिक कानून के तहत की जा रही कार्रवाई को रद्द किया जाए। लेकिन उच्च न्यायालय ने कंपनी की इस अपील को खारिज कर दिया था।
धारीवाल की सोलापुर इकाई से लिए गए नमूनों में महाराष्ट्र सरकार की खाद्य अपमिश्रण निवारक नियमावली 1955 के नियम 62(1) के तहत मिलावट पाई गई थी। इस नियम के तहत खाने पीने की चीजों में ‘एंटी-केकिंग’ रसायन मिलाने पर पाबंदियां हैं।
कंपनी ने राज्य सरकार की कार्रवाई के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। लेकिन बंबई उच्च न्यायालय ने कंपन की इस याचिका को खारिज कर दिया था।
न्यायालय ने कहा था कि कंपनी को आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 397 के तहत अदालत में इस मामले पर पुनर्विचार की अर्जी देनी चहिए।
उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति एस बी सिन्हा की अध्यक्षता वाले पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर उसे इस मामले पर पुनर्विचार करने को कहा है।
राज्य सरकार ने कंपनी के अध्यक्ष और निदेशकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था और सम्मन जारी किए थे।