मधुमेह के उपचार के लिए सन फार्मा की नई दवा मॉलिक्यूल के पहले चरण का क्लीनिकल परीक्षण चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हो सकता है। कंपनी ने पशुओं पर इसके सकारात्मक परिणाम दिखने के बाद आज इसकी जानकारी दी। हालांकि सन फार्मा का शेयर आज बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 3.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
कंपनी की नई दवा मॉलिक्यूल यानी न्यू केमिकल इंटिटी (एनसीई) को जीएल0034 नाम दिया गया है। यह लंबे समय तक प्रभावित रहने वाला मॉलिक्यूल है जिसका इस्तेामल टाइप 2 मुधमेह रोगियों के उपचार में किया जा सकता है। इसे लंबे समय तक प्रभाव दिखाने वाला जीएलपी-1आर मॉलिक्यूल कहा गया है। सन फार्मा के प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी ने कहा, ‘हम जीएल0034 के क्लीनिकल परीक्षण से पहले के आंकड़ों को लेकर काफी उत्साहित हैं। हमारा मानना है कि इसमें काफी क्षमता हो सकती है। हम मानव क्लीनिकल परीक्षण के जरिये इस आंकड़े को प्रमाणित करना चाहते हैं।’ सन फार्मा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक पहले चरण का क्लीनिकल परीक्षण शुरू करने की योजना बना रही है।
हाल में जीएल0034 के क्लीनिकल पूर्व डेटा को अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) की 80वां वर्चुअल वैज्ञानिक सत्र में प्रस्तुत किया गया है। जीएल0034 का विकास सन फार्मा के आई
इंपैक्ट इनोवेशंस- सस्टेनेबल हेल्थ सॉल्यूशंस (एचआईएसएचएस) डिस्कवरी टीम द्वारा किया गया है।