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मंजूरी में देरी से सन को घाटा

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Last Updated- December 08, 2022 | 6:07 AM IST

देश की दिग्गज फार्मा कंपनी सन फार्मास्युटिकल्स को अमेरिका में सबसे ज्यादा बिकने वाली अवसाद रोधी दवाओं को बेचने का लाइसेंस नहीं मिलने के कारण लगभग 150 अरब रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।


दरअसल सन से पहले उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी को अमेरिका में इस दवा को बेचने के लिए वहां के नियामकों से मंजूरी मिल गई है। इसी हफ्ते अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (एफडीए) ने जेनेरिक इफैक्सोर एक्सआर के टैबलेट संस्करण को बेचने के लिए ओसोमोटिका को मंजूरी दे दी है।

ओसोमोटिका को यह मंजूरी मिलने के बाद सन फार्मा को यह दवा अमेरिका में बेचने के अधिकार नहीं मिल सकते हैं। अब सन फार्मा को ओसोमोटिका के टैबलेट्स से अपनी दवा की तुलना कर नया आवेदन करना पड़ेगा।

अमेरिका में इस दवा का सालाना कारोबार लगभग 150 अरब रुपये का है।  इस साल जून में उत्पाद पेटेंट की अवधि समाप्त होने के बाद ओसोमोटिका ने पहले ही इसका टैबलेट संस्करण बाजार में उतार दिया है।

प्रभुदास लीलाधर में जीव विज्ञान शोध के प्रमुख रंजीत कपाड़िया ने कहा, ‘इस प्रक्रिया को पूरा करने में दो साल से भी अधिक का समय लगेगा। हालांकि  सन फार्मा को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन विभाग से हरी झंडी मिलने की उम्मीद थी।’

जेनेरिक कंपनियों द्वारा पेटेंट को दी गई चुनौतियों से अलग ओसमोटिका और सन फार्मा ने इस दवा में संशोधन कर उसे टैबलेट फॉर्म में विकसित किया था।

इसके बाद कंपनी ने इस दवा के  तत्व वेनलाफैक्साइन को आधार बनाकर दवा  के पेटेंट को चुनौती दी थी।


इफैक्सोर के पेटेंट की अवधि 2017 में समाप्त हो रही है, लेकिन वेनलाफैक्साइन की पेटेंट अवधि इसी साल समाप्त हो रही है।

सन फार्मा के प्रवक्ता ने कहा, ‘दोबारा आवेदन करने के मामले पर हमने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।’ कंपनी ने इफैक्सोर के पेटेंट को 37.5 मिलीग्राम, 75 मिलीग्राम और 150 मिलीग्राम की श्रेणियों में चुनौती दी है।

माना जा रहा है कि जेनेरिक दवा बनाने वाली अमेरिका की दिग्गज कंपनी माइलन फार्मास्युटिकल ने इस दवा के कैप्सूल संस्करण के लिए सबसे पहले एएनडीए फाइल किया था।

इसके अलावा वायथ ने अमेरिका की ही टेवा फार्मास्युटिकल्स के  साथ इसी उत्पाद के लिए अदालत से बाहर समझौता किया था।

हालांकि इसके बाद वायथ ने भारत की ल्यूपिन फार्मास्युटिकल्स , इम्पैक्स लेबोरेट्रीज और आल्सा कॉर्पोरेशन को इफैक्सोर एक्सआर कैप्सूल्स के मामले में ही कानूनी नोटिस भिजवाया था।

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First Published - December 1, 2008 | 12:20 AM IST

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