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आकर्षक हो रहा है शेयर बाजार का मूल्यांकन

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:52 PM IST

बीएस बातचीत
पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान बाजारों की चाल काफी हद तक एकतरफा रही है और सेंसेक्स तथा निफ्टी ने अपने सर्वाधिक ऊंचे स्तरों को छुआ है। आईआईएफएल सिक्योरिटीज में प्रबंध निदेशक आर वेंकटरमन ने पुनीत वाधवा के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि तेजी पर जोखिम की वजह से स्मॉल-कैप अपने लार्ज-कैप प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:

सर्वाधिक ऊंचे स्तरों को देखते हुए आपको बाजार को लेकर क्या नजरिया अपनाना चाहिए?
निफ्टी अपने मार्च 2020 के निचले स्तरों से करीब 70 प्रतिशत चढ़ चुका है। जहां सुधार की गति मजबूत रही है, वहीं बाजार का प्रदर्शन अब सीमित दायरे में रह सकता है। अच्छी वृद्घि की संभावना वाले खास क्षेत्र और कंपनियां मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं, भले ही उनका मूल्यांकन महंगा हो। ताजा तेजी अर्थव्यवस्था और आय पर सुधरते परिदृश्य के साथ साथ एफर्आआई निवेश भागीदारी पर केंद्रित रही है। वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में कॉरपोरेट आय सुधरी है और यह अनुमानों के मुकाबले बेहतर रही है। बीएसई-500 कंपनियों (जो तिमाही में अब तक अपने नतीजों की घोषणा कर चुकी हैं का सकल लाभ सालाना आधार पर करीब 13 प्रतिशत बढ़ा है और इससे कई क्षेत्रों में आय अपग्रेड को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा बाजार मूल्यांकन भी आकर्षक हो रहा है और मार्जिन में सुधार आय वृद्घि का एक मुख्य वाहक है।
बाजार के लिए प्रमुख जोखिम क्या हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए?
हमारी नजर में, कोविड-19 संक्रमण में आई तेजी आय और अर्थव्यवस्था पर सुधरते परिदृश्य की राह में मुख्य जोखिमों में से एक है। अमेरिका और यूरोप में इस महामारी की दूसरी लहर देखी जा रही है। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग सख्ती से शुरुआती सुधार प्रक्रिया को झटका लग सकता है। जहां पिछले कुछ महीनों का आर्थिक आंकड़ा आशाजनक दिखा है, वहीं यह देखने की जरूरत होगी कि क्या त्योहारी सीजन के बाद यह सकारात्मक रुझान बरकरार रहेगा।

क्या इन सभी चिंताओं के बीच इक्विटी में प्रवाह बरकरार रहेगा?
एफआईआई ने वित्त वर्ष 2021 में अब तक भारतीय बाजारों में 17.5 अरब डॉलर (पिछले पांच साल में 11.3 अरब डॉलर के संयुक्त प्रवाह के मुकाबले) का निवेश किया है। हालांकि वृद्घि की सुधरती रफ्तार को बरकरार रखना लगातार विदेशी पोर्टफोलियो प्रवाह के लिए जरूरी है। जहां घरेलू प्रवाह पिछले कुछ महीनों में कमजोर रहा है, वहीं एसआईपी खातों में लगातार तेजी (वित्त वर्ष 2021 में करीब 25 लाख नए खाते) आई है और सुधरते इक्विटी प्रतिफल से इस निवेश प्रवाह में तेजी आ सकती है। यदि रिकवरी बनी रही तो घरेलू आय सुधर सकती है, इसलिए वित्तीय बचत के लिए आवंटन भी बढ़ सकता है।

महामारी के दौरान आपका रिटेल और संस्थागत ब्रोकिंग व्यवसाय कैसा रहा?
सितंबर तिमाही निवेश बैंकिंग व्यवसाय के लिए मजबूत रही। हमने अपने कई सौदे पूरे किए जिनमें आईसीआईसीआई बैंक का 15,000 करोड़ रुपये का पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) और एचडीएफसी का 14,000 करोड़ रुपये का क्यूआईपी भी शामिल है। सौदा प्रवाह मजबूत बना हुआ है और अगली दो तिमाहियों में इसके शानदार बने रहने की संभावना है।
मार्च 2020 के निचले स्तरों के बाद से आपकी निवेश रणनीति कैसी रही है?
फार्मा, आईटी, और केमिकल जैसे क्षेत्रों ने अब तक की तेजी में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारा मानना है कि ये क्षेत्र लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, खासकर टायर जैसे सेगमेंट भी लंबी मंदी के बाद सुधार देख रहे हैं।

क्या आप वित्त वर्ष 2021 में सरकार के विनिवेश एजेंडे में तेजी की संभावना देख रहे हैं?
वित्त वर्ष 2021 का विनिवेश लक्ष्य (2.1 लाख करोड़ रुपये) चुनौतीपूर्ण रहेगा और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी नियोजित रणनीतिक बिक्री की सफलता पर निर्भर करेगा। अब तक, सरकार ने विनिवेश के जरिये सिर्फ 58 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ संघर्ष करना पड़ रहा है। इसके अलावा, विनिवेश के जरिये बड़ी आपूर्ति के गतिरोध का भी शेयर प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ा। ये चुनौतियां जल्द ही दूर होने की संभावना है। इसलिए हम लगातार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों पर ‘अंडरवेट’ बने हुए हैं।

आप कब तक कॉरपोरेट आय सामान्य हो जाने की संभावना देख रहे हैं?
कॉरपोरेट आय वित्त वर्ष 2021 के अंत तक कोविड-19 से पहले जैसे स्तरों पर पहुंचने का अनुमान है। हम मौजूदा समय में वित्त वर्ष 2021 में निफ्टी ईपीएस में सालाना आधार पर 1 प्रतिशत की वृद्घि का अनुमान जता रहे हैं।

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First Published - November 25, 2020 | 11:34 PM IST

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