facebookmetapixel
Advertisement
Stock Market Today: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में तेजी के संकेत, GIFT Nifty 172 अंक उछलाLIC OFS को संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, आज रिटेल निवेशकों के लिए खुला ऑफरRBI MPC August 2026: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज करेंगे रीपो रेट का ऐलान; जानें लाइव स्ट्रीमिंग, समय और पूरी डीटेल80 डॉलर से नीचे ब्रेंट, 75 डॉलर से नीचे WTI; तेल बाजार में बड़ी गिरावटStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्री

‘सीमेंट की मांग में तेज सुधार’

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 8:49 PM IST

बीएस बातचीत
जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने और क्षमता में विस्तार के उद्देश्य से एक मजबूत योजना तैयार की है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट के प्रबंध निदेशक पार्थ जिंदल अमेरिका में जेएसडब्ल्यू के कारोबार के प्रमुख जेएसडब्ल्यू वेंचर्स के निदेशक भी हैं। जिंदल ने अदिति दिवेकर से बातचीत में अमेरिकी इकाइयों के कमजोर प्रदर्शन सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:

विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही के दौरान घरेलू बाजार में सीमेंट की मांग सालाना आधार पर करीब 30 फीसदी घट गई। आगे मांग परिदृश्य कैसा रहेगा?
वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में सीमेंट की मांग में सुधार हुआ है और इसमें न केवल ग्रामीण बाजारों का बल्कि बड़े पैमाने पर सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी योगदान रहा है। रियल एस्टेट क्षेत्र भी मकानों की मांग में सुधार के साथ ही तेजी दिखा रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2021 को हम 7 फीसदी की नकारात्मक वृद्धि के साथ अलविदा करेंगे जबकि पहले के अनुमान के मुताबिक यह आंकड़ा 10 फीसदी था।

घरेलू बाजार में बढ़ती मांग को भुनाने के लिए आपकी क्या योजना है?
हम घरेलू बाजार में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना चाहते हैं लेकिन फिलहाल क्षमता कम है क्योंकि हम इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत नए खिलाड़ी हैं। हमने अगले 2 से 3 वर्षों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 2.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है। दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में हमारी मौजूदा बाजार हिस्सेदारी क्रमश: 4 फीसदी, 7 फीसदी और 5 फीसदी है। इनमें से हरेक क्षेत्र में हम अपनी बाजार हिस्सेदारी को 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं। बेहतर फ्रंट-एंड हस्तक्षेप के लिए हम डिजिटलीकरण पर भी निवेश कर रहे हैं और इसके लिए हमने मैकेंजी के साथ करार किया है।

जेएसडब्ल्यू के अमेरिकी परिचालन का प्रदर्शन अच्छा नहीं दिख रहा है। उसके लिए आपकी दीर्घावधि योजना क्या है?
हमने वर्ष 2008 में अमेरिकी परिचालन का अधिग्रहण किया था और के बाद से ही वह हमारे लिए एक बोझ बना रहा है। लेकिन इतने दिनों में हमने महसूस किया कि केवल कुशल एवं आधुनिक उपकरण वाले संयंत्र ही विश्वस्तरीय विनिर्माण कर सकता है। इसलिए हमने उसके आधुनिकीकरण के लिए दोनों संयंत्रों में लगभग 35 करोड़ डॉलर का निवेश किया। हमें विश्वास है कि इससे सकारात्मक एबिटा हासिल करने में मदद मिलेगी, भले ही हम इस्पात चक्र के किसी भी हिस्से में क्यों न हों। दोनों संयंत्रों में पूंजीगत खर्च जारी है और मार्च में उसका परिचालन शुरू हो जाएगा। अब हमारे अमेरिकी कारोबार के लिए एक नया प्रबंधन भी है।

अमेरिका में नई सरकार के गठन होने से आपके कारोबार को कितना फायदा होगा?
हमें नई अमेरिकी सरकार की प्राथमिकता के बारे में कुछ भी पता नहीं है। हमारा मानना है कि इस सरकार का बुनियादी ढांचा बिल अधिक होगा और यह हमारे लिए अच्छी बात है क्योंकि इससे इस्पात की मांग में तेजी आएगी। लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि हम नीति निर्माण में निरंतरता की उम्मीद कर रहे हैं। हमें व्यापार शुल्क की धारा 232 के कारण काफी नुकसान हुआ है।

स्टार्टअप के लिए जेएसडब्ल्यू वेंचर्स की क्या योजनाएं हैं?
हाल में हमने करीब 200 करोड़ रुपये के एक तीसरे पक्ष के फंड को हासिल किया है और जेएसडब्ल्यू वेंचर्स अब 400 करोड़ रुपये का वेंचर फंड है जिसमें परिवार का योगदान महज 100 करोड़ रुपये है। हमारा उद्देश्य भारत के तकनीकी समर्थ स्टार्टअप में निवेश करना है ताकि देश को वैश्विक बाजार में ले जाया जा सके। हम उन स्टार्टअप में निवेश करना चाहते हैं जिनका वार्षिक राजस्व बढ़ रहा हो ताकि व्यापार में निरंतरता बरकरार रहे।
 

Advertisement
First Published - November 26, 2020 | 11:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement