facebookmetapixel
Advertisement
थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी15 साल में मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मौसम का असर पहले से कम: आरबीआई डिप्टी गवर्नरब्रांड वैल्यू में शाहरुख खान नंबर-1, विराट कोहली को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थानवीजा की बेंगलूरु में बड़ी छंटनी, 1,400 कर्मचारियों की गई नौकरी; एआई पर बढ़ते फोकस का असरई-कॉमर्स निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को बनानी होगी अलग यूनिट एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजी

दो पूरी खुराक के लिए मंजूरी मांगेगी सीरम

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 10:52 AM IST

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा कि कोविड-19 के उनके टीके की एक पूरी और एक आधी खुराक देने की अपेक्षा दो पूरी खुराक देने पर बेहतर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया मिली है। इस बीच ऑक्सफर्ड टीके की भारतीय साझेदार सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया नियामक से दो पूरी खुराक के लिए मंजूरी मांगेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
पुणे की कंपनी सीरम के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने एक कार्यक्रम में कहा कि वे भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से दो पूरी खुराक देने के लिए मंजूरी मांग रहे हैं। एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफर्ड टीके की दो पूरी खुराक के साथ 1,600 से ज्यादा लोगों पर परीक्षण किया गया था और सीरम ने इसके आंकड़े नियामक के पास जमा कराए हैं। इस माह की शुरुआत में टीके को मंजूरी देने के लिए दवा नियामक को सलाह देने वाली विशेषज्ञ समिति ने कंपनी से अतिरिक्त जानकारी मांगी थी।
जाधव ने कहा कि एक पूरी खुराक और एक आधी खुराक देने की पहले से योजना नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि क्षमता का निर्धारण करने के लिए एक विश्लेषात्मक विधि का उपयोग किया गया था, उस उत्पाद को आधे ऐंटीजन से बनाया गया था। भारत में हमने दो पूरी खुराक के साथ परीक्षण किए हैं।’
ऑक्सफर्ड के कोविड-19 टीके को जब दो पूरी खुराक के साथ दिया गया तो इसके बेहतर नतीजे निकले। इसकी जानकारी ऑक्सफर्ड ने गुरुवार को दी। टीके की लाइसेंसी कंपनी एस्ट्राजेनेका ने बाद के चरण के परीक्षण के नतीजों को प्रकाशित किया था जिसमें कहा गया था कि एक पूरी खुराक के बाद आधी खुराक देना ज्यादा असरदार रहा है। हालांकि इस नतीजे की पुष्टि के लिए काफी काम करने की जरूरत है।
सूत्रों ने संकेत दिए थे कि अगर एस्ट्राजेनेका और सीरम भारत में एक पूरी और एक आधी खुराक देना चाहती है तो उसे और क्लीनिकल डेटा सौंपने होंगे। नवंबर की शुरुआत में सीरम के प्रवक्ता ने कहा था, ‘एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफर्ड का टीका सुरक्षित और असरदार है। 60 से 70 फीसदी असरदार नतीजों के साथ भी यह वायरस के लिए एक व्यवहार्य टीका होगा।’ पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के ताजा विवरण गुरुवार को जारी किए गए जिसमें पूरी और आधी खुराक का जिक्र नहीं था।
कोरोनावायरस का टीका विकसित करने में पहले आगे चल रही ब्रिटेन की टीम को अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने पीछे छोड़ दिया। फाइजर का टीका इसी महीने ब्रिटेन और अमेरिका में आ चुका है। तीसरे चरण के परीक्षण के आंकड़ों में टीका 62 फीसदी असरदार रहा था। (साथ में समरीन अहमद)

Advertisement
First Published - December 18, 2020 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement