सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज में खुले बाजार से 20 फीसदी हिस्सेदारी की खरीद के लिए टेक महिंद्रा लिमिटेड मंगलवार से ओपन ऑफर यानी खुली पेशकश शुरू कर देगी।
इसमें 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए टेक महिंद्रा की सहायक कंपनी वेंटरबे कंसल्टेंट ने 2,910 करोड़ रुपये जमा करा दिए। टेक महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने रकम उगाहने और उसके बाद की सत्यम योजनाओं के बारे में हैदराबाद में सत्यम बोर्ड के साथ बैठक के बाद विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी अधिग्रहण के लिए तमाम स्रोतों से रकम जुटाएगी। इनमें गैर परिवर्तनीय डिबेंचर के साथ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी शामिल हैं। इसके अलावा अपने संसाधनों से भी कंपनी 7,000 करोड़ रुपये का इंतजाम कर रही है।
कंपनी ने आज जो रकम जमा कराई, उसमें 1,756 करोड़ रुपये 31 फीसदी हिस्सेदारी और 1,154 करोड़ रुपये 20 फीसदी हिस्सेदारी के लिए हैं। महिंद्रा ने कहा, ‘इस रकम का इंतजाम महज 72 घंटे की अवधि में किया गया जो किसी रिकॉर्ड से कम नहीं है। यह संकेत बताता है कि भारतीय पूंजी बाजार गहराई से भरा है।’
महिंद्रा ने कहा कि सत्यम भले ही तेज रफ्तार से दौड़ने वाली कार न बने लेकिन अब यह डूबता जहाज भी नहीं रह गई है। उन्होंने कहा, ‘सत्यम को खरीदकर हम सोचा समझा जोखिम उठा रहे हैं क्योंकि अभी अमेरिका में चल रहे मुकदमो का फैसला नहीं हुआ है। लेकिन हम मानते हैं कि सत्यम बेहद मजबूत और मुनाफा देने वाली कंपनी बनकर उभरेगी।’
टेक महिंद्रा के मुख्य कार्य अधिकारी विनीत नैयर ने बताया कि सत्यम स्वतंत्र इकाई के तौर पर काम करती रहेगी। उन्होंने बताया कि ए एस मूर्र्ति पहले की तरह सत्यम के सीईओ बने रहेंगे, अलबत्ता नए सीएफओ की तलाश शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना और दुनिया भर में सत्यम के कर्मचारियों और ग्राहकों के साथ मेल-मिलाप भी कंपनी के एजेंडे में रहेगा। बैठक के दौरान बोर्ड ने टेक महिंद्रा को उन 100 मुख्य कर्मचारियों की सूची भी सौंप दी है, जिन्हें पद पर बनाए रखना होगा।
सत्यम के पूर्व सीईओ राम मैनामपति के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। सत्यम बोर्ड के छह मौजूदा सदस्य बने रहेंगे। सत्यम के सीईओ ए एस मूर्ति पर बोर्ड का भरोसा बना हुआ है और कार्णिक ने उन्हें पद पर बनाये रखने की सलाह दी है।
सत्यम से ऑफर हासिल कर चुके उन नए प्रशिक्षुओं के बारे में भी नैयर ने बात की, जो अभी तक कंपनी का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही टेक महिंद्रा को सत्यम में पूरी हिस्सेदारी मिल जाती है, इस मसले का जल्द से जल्द निपटारा करने की हर मुमकिन कोशिश करेगी।
बढ़ाया कदम
51 फीसदी हिस्सेदार खरीदने के लिए टेक महिंद्रा ने जमा कराई 2,910 करोड़ रुपये की रकम
1,756 करोड़ रुपये में 31 फीसदी और 1,154 करोड़ रुपये में खरीदी जाएगी 20 फीसदी हिस्सेदारी
कई माध्यमों के जरिये जुटाई है महिंद्रा ने यह रकम
अधिग्रहण के अलावा अन्य मसलों पर भी हुई चर्चा
ए एस मूर्ति बने रहेंगे सत्यम के सीईओ
नए सीएफओ की शुरू हो गई तलाश