अंतरराष्ट्रीय बाजार में छाई मंदी ने भारतीय होटल उद्योग की कमाई में तो पहले से ही सेंध लगा रखी है, जबकि बेंगलुरु के हॉस्पिटालिटी क्षेत्र का मानना है कि साथ ही हाल ही में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी हो सकती है।
बेंगलुरु की एक ट्रैवल एजेंसी के अधिकारी ने बताया, ‘बेंगलुरु कभी भी पर्यटन स्थल नहीं रहा है। यहां ज्यादातर लोग कारोबार के सिलसिले में ही आते हैं। पिछले साल के मुकाबले डीलक्स और सुपर डीलक्स होटलों के किराए में 15-20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।’
शहर में हॉस्पिटालिटी क्षेत्र की सभी दिग्गज कंपनियों के होटल हैं। इनमें ताज, द लीला पैलेस, रॉयल ऑर्किड, इस्टा होटल और विंडसर शेराटन भी शामिल हैं। बेंगलुरु के सभी होटलों में करीब 1500 डीलक्स कमरे हैं। सुपर डीलक्स कमरों का किराया 30,000 रुपये से शुरू होकर 1 लाख रुपये प्रति रात्रि है। जबकि डीलक्स कमरों का किराया 15,000-25,000 रुपये के बीच होता है।
भारत में रमाडा ब्रांड के तहत भारतीय होटल कारोबार में आने वाले विंडम होटल समूह के निदेशक (अंतरराष्ट्रीय विकास) सुनील माथुर ने बताया, ‘हो सकता है कि कारोबार में आई गिरावट के कारण कुछ सुपर डीलक्स होटल किराया कम करें। कारोबार श्रेणी में गिरावट आई है। मध्यम श्रेणी वाले होटलों के कारोबार पर हो सकता है कि कोई असर नहीं पडे, लेकिन बड़े खिलाड़ियों को दाम घटाने पड़ सकते हैं।’
हिल स्टेशनों वाले होटलों को छोड़ दे तो देश भर के होटल 1 अक्टूबर से 30 सितंबर के बीच दाम तय करते हैं। राज ट्रैवल वर्ल्ड के अधिकारी योगेश सालस्कर ने कहा, ‘आम तौर पर इस दौरान सभी होटलों में अक्टूबर के आसपास किरायों में 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिलती है, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ है। किराया घटाने के बजाय कुछ होटलों ने ग्राहकों को 10-15 फीसदी की छूट और कई आकर्षक ऑफर देने शुरु किए हैं।’
बेंगलुरु के होटलों के लिए शहर में कम लोगों का आना सबसे बड़ी चिंता का सबब है। सुपर डीलक्स और डीलक्स होटलों के 50-60 फीसदी कमरों की ही बुकिंग हुई है। जबकि पिछले साल इसी समयावधि में यह आंकड़ा 75-80 फीसदी था।